सुबह के समय खराब दृश्यता के कारण दिल्ली से कांगड़ा स्थित गगल हवाईअड्डे पर आने वाली इंडिगो की पहली उड़ान रद्द रही। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 4 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम बिगड़े रहने का पूर्वानुमान है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों को सोलंग बैरियर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस बारिश से हालांकि किसानों-बागवानों की चिंता भी बढ़ी है। सेब और नाशपाती की फ्लावरिंग पर इसका असर पड़ सकता है। गेहूं की फसल पर भी नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। गेहूं की फसल के लिए अधिकतर इलाकों में धूप की दरकार है।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में सुबह से दोपहर तक ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। रोहतांग दर्रा में 20, कोकसर में 3, शिकुंला में 15, कुंजुम पास में 15 और बारालाचा में 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। हिमपात के कारण शिंकुला टॉप से वाहनों की आवाजाही बंद रही। पिछले दिनों मनाली-दारचा-कारगयाक-पदम होते हुए लेह को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग पर यातायात बहाल होने से क्षेत्र के लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली। पर्यटन नगरी मनाली से दोपहर तक अटल टनल रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
धर्मशाला में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और तेज हवाओं से बढ़ी ठंड, फसलों को नुकसान
जिला मुख्यालय धर्मशाला में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। क्षेत्र में लगातार बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड का अहसास बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं समेत अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें झुक गई हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस समय बारिश और तेज हवाएं फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं। यदि मौसम इसी तरह बना रहा, तो नुकसान और बढ़ सकता है। वहीं, मौसम के ठंडा होने से लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ घंटों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना जताई है।
चंबा में भारी बारिश और ओलावृष्टि
जिला मुख्यालय में दोपहर अचानक मौसम ने करवट बदली। भारी बारिश और ओलावृष्टि होने से शहर पहुंचे।लोगों ने दुकानों की ओट लेकर अपने आप को भीगने से बचाया। वही, ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। भरमौर चोक में बारिश के कारण अचानक हाइवे पर पानी का तालाब बन गया। जिससे वाहन चालकों और पैदल आवाजाही करने वालों को दिक्कतें उठानी पड़ी।
सराज में बारिश और भारी ओलावृष्टि से तबाही
सराज में सोमवार को तेज अंधड़ के साथ हुई मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने तबाही मचाई है। शिकारी देवी, शैटाधार और तुंगासीगढ़ में ओलावृष्टि के साथ बर्फ के फाहे गिरे, जिससे तापमान में गिरावट आई। सराज की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में ओलों की मार से मटर, सेब और पलम की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक गया, जिससे किसानों और बागवानों को करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार, सराज क्षेत्र की चेत, चिऊणी, घाट, बूंग जहलगाड़, थाटा, जुफरकोट, बहलीधार, जरोल, जंजैहली, बूंग रैलचौक और ढीम संगलबाड़ा पंचायतों में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली।