हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत लाए गए कर्मचारियों का असमंजस अब खत्म हो गया है। इन कर्मचारियों का सरकारी अंशदान अलग-अलग खातों में जमा होगा। प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को एक पत्र भेजा है। राज्य में ओपीएस को लागू कर दिया गया है।
इसके लिए कर्मचारियों को सरकारी अंशदान और इसका लाभांश प्रदेश सरकार के पास वापस जमा करने की शर्त रखी गई है, लेकिन इसे कहां जमा किया जाना है, इस बारे में स्थिति साफ नहीं थी। अब इसे स्पष्ट कर दिया गया है। इसके लिए कोषागारों में अलग-अलग हेड तय किए जा चुके हैं। इनमें सरकारी अंशदान के तहत भी अलग-अलग तरह के बजट के लिए भिन्न-भिन्न हेड तय किए गए हैं। ऐसा ही लाभांश का बजट जमा करने के लिए भी किया गया है।
पीएफआरडीए के पास जमा है सरकारी अंशदान और लाभांश
सरकारी अंशदान और लाभांश केंद्र सरकार के पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण के पास जमा है। नई पेंशन प्रणाली के तरह कर्मचारियों के लिए इसे जमा करने की शर्त रखी गई है। सेवानिवृत्ति के बाद इसे जमा करने पर ही पुरानी पेंशन देय होगी।