चर्चा के दौरान समय की कमी के चलते जब विधानसभा अध्यक्ष ने नेगी को रोका तो वीरभद्र सिंह ने उन्हें अपना समय देने की बात कही। हालांकि बिंदल ने कहा कि वीरभद्र सिंह जितनी देर चाहे बोल सकते हैं लेकिन बाकी सदस्यों को तय समय में ही अपनी बात कहनी होगी।
फेरी वाला एसडीएम होगा
जंजैहली में चल रहे विवाद को लेकर भी नेगी ने चुटकी ली कि जंजैहील में एसडीएम फेरीवाले जैसा हो जाएगा। डेढ़ महीने से जंजैहली जल रहा था और सरकार अब तय कर पाई कि कितने दिन एसडीएम कहां बैठेगा। कहा कि सरकार के इस फैसले से लोगों को परेशानी होगी क्योंकि लोेगों को पता ही नहीं होगा अफसर है कहां।
भाजपा विधायक की ओर से एचआरटीसी में बसों से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाने के मामले पर कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने इसे मैच फिक्सिंग करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति हो रही है।
अग्निहोत्री ने ये बात एचआरटीसी की बसों के खडे़ होने और भाजपा विधायक राकेश पठानिया की ओर से इन पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग पर कही। पठानिया ने इस मामले की छानबीन कर परिवहन मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर से श्वेत पत्र जारी करने की बात कही थी।
क्या आरटीआई में लेनी पड़ेगी सूचना
गत तीन वर्षों में बीएडीपी के तहत जिला किन्नौर में कितनी धनराशि स्वीकृत हुई और कितनी व्यय हुई? किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने जब ये सवाल उठाया तो जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा - सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर जगत सिंह नेेगी बोले - दो जगहों की मात्र 60-60 योजनाओं के ये मामले हैं। जानकारी देने के बजाय कहा जा रहा है कि सूचना एकत्रित की जा रही है तो क्या आरटीआई में सूचना लेनी पड़ेगी?
बजट पर जारी सामान्य चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त सचिव की सदन में गैरमौजूदगी पर जमकर निशाना साधा। गैर मौजूदगी पर उन्होंने जयराम सरकार को नान सीरियस गवर्नमेंट की संज्ञा दी।
विधायक ने कहा कि जब सरकार बजट पर चर्चा को लेकर गंभीर ही नहीं है तो चर्चा का मतलब क्या है। कहा कि सदन में केवल एक ही मंत्री मौजूद हैं। कहा कि सदन में यदि मंत्री किशन कपूर न होते तो सदन स्थगित करना पड़ता।
विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने विवाद को शांत कराया। बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए आशा कुमारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने माइनिंग पालिसी लाई थी। इसमें आक्शन का प्रावधान किया गया था।
उनका कहना था कि इससे राजस्व को बढ़ाया जा सकता है और माइनिंग करने वाला हर व्यक्ति गलत नहीं होता। आशा कुमारी ने कहा कि हम सोच रहे थे कि पंजाब पर ही बादल मंडरा रहे है लेकिन अब ये बादल हिमाचल भी आ गए है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जब बस का परमिट किसी एक फर्म को दिया है, तो उसे दूसरे को कैसे बेचा गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह से परमिट को सबलैट नहीं किया जा सकता है। सिरमौर जिले का बैकवर्ड जिले का दर्जा खत्म होने पर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
नूरपुर से विधायक राकेश पठानिया के कांगड़ा के डमटाल स्थित मंदिर की भूमि पर कब्जे का मुद्दा उठाया। पठानिया ने पूछा कि क्या डमटाल स्थित मंदिन की भूमि पर कब्जा हो गया है। साथ ही यह भी पूछा कि सरकार ने इसपर क्या कार्रवाई की है।
इसके जवाब में सरकार ने जानकारी से इंकार किया। लिखित जवाब में कहा कि वह इस संबंध में सूचना इकट्ठा कर रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा के निधन पर दुख जताया है।