प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे शिक्षकों को अब रोजाना बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा है। इसकी जानकारी देनी होगी। शिक्षा विभाग के अधिकारी अब हर रोज अलग-अलग शिक्षकों को फोन कर इस बाबत रिपोर्ट तैयार करेंगे। शिक्षा निदेशक भी शिक्षकों को बीच-बीच में फोन करेंगे। हर घर पाठशाला की मॉनीटरिंग को शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने सख्त करने के लिए दिए नये निर्देश जारी किए हैं।
वीरवार को राज्य सचिवालय में हर घर पाठशाला कार्यक्रम की शिक्षा सचिव ने समीक्षा करते हुए उच्च, प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों सहित एसएसए के परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र को अध्यापक से जोड़ा जाए। सभी अध्यापकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए कि वे अपनी कक्षा के उन छात्रों को भी पढ़ाई करवाएं। जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं।
सभी स्कूल मुखियाओं को सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय का कोई भी छात्र पढ़ाई से वंचित न रहे। सभी अध्यापकों और छात्रों को पढ़ने-पढ़ाने की गतिविधियो से जोड़ने के लिए विभाग नई योजनाएं भी तैयार करे। शिक्षा सचिव ने निर्देश दिए हैं की सभी अधिकारी प्रतिदिन कुछ अध्यापकों को फोन करके यह पूछेंगे कि आज उन्होंने क्या पढ़ाया। मॉनीटरिंग सख्ती से की जाएगी। शिक्षकों को बताना होगा कि अब तक उन्होंने कितना सिलेबस कवर कर लिया है और अपना प्लान शेयर करना होगा।
ऑनलाइन पढ़ाई का कंटेंट बनाने के लिए शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण
शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने वीरवार को केंद्रीय खंड स्त्रोत समन्वयकों के डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का समागम वस्टेट रिसोर्स ग्रुप अध्यापकों के डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा ने डिजिटल शिक्षा के स्तर को सशक्त बनाने के लिए शिक्षकप्रशिक्षण की अभिनव शुरुआत की है। यह प्रशिक्षण जेपी सूचना एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संगणक विज्ञान अभियांत्रिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से करवाया जा रहा हैं।
प्रथम चरण में प्रदेश के लगभग 270 केंद्रीय खंड स्त्रोत समन्वयकों और शिक्षक-प्रशिक्षण प्रभारियो को डिजिटल शिक्षा में प्रयोग होने वाले सूचना एवं प्रौद्योगिकी के बुनियादी ज्ञान को लेकर 15दिन का प्रशिक्षण देकर सशक्त किया गया। राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा आशीष कोहली ने बताया कि कोरोना दौर में डिजिटल शिक्षण में किसी तरह का व्यवधान नहीं हो, इसे ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।