मरीजों को लाइनों में खड़े होकर पैसे जमा करवाने के झंझट से मिलेगी राहत, अस्पताल में अभी नकद करना पड़ता है भुगतान
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अस्पताल में हर रोज ओपीडी में आते हैं दो सौ के करीब मरीज अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला में अभी तक ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रशासन जल्द ही पर्ची से लेकर यहां भर्ती होने वाले मरीजों को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा देने जा रहा है।
ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा न होने से रोज यहां उपचार करवाने को आने वाले करीब दो सौ मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए पर्ची काउंटर पर नकद ही भुगतान करना पड़ता है। खुले पैसे न होने के कारण पर्ची काउंटर स्टाफ और मरीजों तथा तीमारदारों के बीच विवाद भी होता है। अस्पताल में उपचार करवाने के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को छुट्टी मिलने पर की जाने वाली पेमेंट भी नकद ही करना पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन ने हालांकि इससे पूर्व ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कोड को स्कैन कर पैसे देने की व्यवस्था को लागू करने का ट्रायल किया था लेकिन इसमें कई बार तकनीकी दिक्कत पेश आने से अस्पताल के दिए खाते में पैसे जमा नहीं हो पाते। इसके चलते अस्पताल प्रशासन ने कोड को स्कैन कर भुगतान के इस सिस्टम को बंद कर नकद भुगतान ही शुरू किया। अब अस्पताल प्रबंधन पेश आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान कर ऑनलाइन भुगतान करने की व्यवस्था को लागू करने जा रहा है। सरकारी क्षेत्र के इस एक मात्र दंत महाविद्यालय में आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग कर इसे अपग्रेड करने की जरूरत है। आईजीएमसी, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पहले से कोड स्कैन कर पर्ची और अन्य फीस तथा भुगतान करने की व्यवस्था को लागू किया जा चुका है। इससे पर्ची बनाने या भुगतान करने में लगने वाला समय भी कम होगा वहीं किसी भी तरह की कैश को लेकर उलझन भी नहीं रहेगी।
जल्द शुरू होगी व्यवस्था : डॉ. योगेश
राजकीय दंत महाविद्यालय के नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. योगेश भारद्वाज ने माना कि यह आज के समय की जरूरत है, इससे अस्पताल के काउंटर स्टाफ को भी खुले पैसे की पेश आने वाली समस्या से निजात मिलेगी। इसलिए अस्पताल प्रबंधन जल्द पर्ची और भुगतान काउंटर पर हर तरह के बिल भुगतान, पर्ची की फीस आदि जमा करवाने के लिए ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जल्द शुरू करने जा रहा है। अस्पताल में अकाउंट और अन्य रोजमर्रा के कार्यों को भी नई उपलब्ध टेक्नोलॉजी का उपयोग कर ऑनलाइन करने की बनाई गई। कार्य योजना पर कार्य चल रहा है।