प्रधान सचिव राजस्व और आपदा प्रबंधन ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि प्रत्येक जिले के उपायुक्त की अध्यक्षता में डीडीएमए जांच कर सुनिश्चित करेंगे कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र में विकसित असुरक्षित भवन या व्यावसायिक संरचना का सर्वेक्षण हुआ हो। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन विभाग और अन्य संबंध विभाग सुरक्षा सुनिश्चित बनाएंगे। आरडीएंडपीआर विभाग एसडीएमए और डीडीएमए को खतरनाक प्रतिरोधी निर्माण में राजमिस्त्री, बढ़ई और अन्य कारीगरों को प्रशिक्षण देगा। ओंकार चंद शर्मा की अध्यक्षता में यहां निर्माण गतिविधियों के तकनीकी-कानूनी पहलू पर बैठक हुई। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत गठित राज्य कार्यकारी समिति के निर्देशों के अनुसार राज्य में प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) मॉडल बिल्डिंग बाय लॉज को अपनाने पर अनुपालन रिपोर्ट साझा करेगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) मॉडल बिल्डिंग बाय लॉज को अपनाने के लिए अपने जिले के यूएलबी का अनुसरण करेंगे।