राज्य स्तरीय जनजातीय उत्सव में पहली बार एक हजार महिलाएं और पुरुष एक साथ पारंपरिक परिधान में लोकनृत्य करेंगे। जनजातीय उत्सव के जरिये लाहौली लोक नृत्य को दुनिया के सामने लाने के लिए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। लोक नृत्य के दौरान घाटी की पारंपरिक नगाड़ों को भी बजाया जाएगा।
इसके लिए इन दिनों लाहौल के गांव-गांव में बांसुरी और नगाड़ा वादकों की खोज की जा रही है। सामूहिक लोक नृत्य के समन्वयक एवं आरएम केलांग मंगल चंद मनेपा ने बताया कि लोकनृत्य के लिए लाहौल के पंचायतों, महिला और युवक मंडलों से संपर्क किया जा रहा है।
बांसुरी और नगाड़ा वादकों की पहचान के लिए स्थानीय पंचायतों की मदद ली जा रही है। बताया कि लोकनृत्य में शामिल होने के लिए महिला मंडलों तथा पंचायतों से आवेदन मांगे हैं।
बताया कि 14 से 16 अगस्त तक होने वाले जनजातीय उत्सव में महिलाएं और पुरुष एक साथ लोकनृत्य करेंगे। सामूहिक लोकनृत्य को लेकर 8 अगस्त को केलांग में एक विशेष बैठक होगी। इसमें घाटी के तमाम पंचायतों और महिला मंडलों को बुलाया गया है।