ठंड से बचने के लिए टेंट में रखा पेट्रोल का जनरेटर मजदूरों के लिए मौत का सामान बन गया। जनरेटर के धुएं की गैस लगने से निजी कंपनी में कार्यरत एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे में पांच अन्य मजदूर बेहोश गए।
इन्हें बेहोशी की हालत में बगस्याड़ स्थित स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए सभी को मंडी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मृतक मजदूर की पहचान विश्वकंदा निवासी कोलकाता के रूप में पुलिस ने की है।
कांढा बगस्याड़ पंचायत के घुलाची गांव में ओएनजीसी की अधिकृत निजी कंपनी के मजदूरों ने ठंड से बचने के लिए टेंट में पेट्रोल का जनरेटर चलता हुआ रख दिया। देर रात जनरेटर के धुएं की गैस लगने से पांच मजदूर बेहोश हो गए और एक की मौत हो गई।
प्राइवेट कंपनी में कर रहे थे काम
पिछले कई दिनों से प्राइवेट कंपनी अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड खनिज पदार्थों का सर्वे करने के लिए आई है। बेहोश मजदूरों में 46 वर्षीय राम कृष्ण, 46 वर्षीय रवि, 48 वर्षीय श्रीकांत, 55 वर्षीय राधा रानाथ और 45 वर्षीय विकास पात्रा हैं।
सभी पश्चिम बंगाल के बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी गोहर मनोज वालिया ने बताया कि पुलिस ने मौके पर जाकर कंपनी के लोगों के बयान ले लिए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडी भेज दिया है।
सिविल अस्पताल गोहर के एमडी डॉ. रोशन ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल की गैस से प्वायजनिंग हो सकती है। अगर बंद कमरे में पेट्रोल की गैस निकल रही हो और कमरे में कोई सोया हो तो उसकी मौत हो सकती है।
पेट्रोल गैस से हो सकती प्वायजनिंग
कुछ स्थानीय लोग इस कंपनी की स्वीकृति पर सवाल उठा रहे हैं। एसडीएम जंजैहली अश्विनी कुमार ने कंपनी की कांढा बगस्याड़ पंचायत में सर्वे की स्वीकृति की पुष्टि की है।
कांढा बगस्याड़ पंचायत के प्रधान दुर्गा सिंह ठाकुर ने बताया कि अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड कंपनी हैदराबाद से आई हुई है और परमिशन के आधार पर यह कंपनी कांढा बगस्याड़ पंचायत में खनिज पदार्थों का सर्वे कर रही है।