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छात्रों के लिए गुड न्यूज, मेरिट में आओ, एक लाख ईनाम पाओ

Tue, 20 Dec 2016 09:05 AM IST
रामनाथ शर्मा/अमर उजाला, शाहतलाई (बिलासपुर)
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दसलेहड़ा और तलाई के बच्चों के लिए अच्छी खबर है। इन स्कूलों के जो बच्चे हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में प्रथम दस स्थान में अपनी जगह बनाएंगे, उन्हें एक लाख रुपये की नकद राशि इनाम के रूप में दी जाएगी। जी हां, अमेरिका में इंजीनियर जगदीश चंद यह सराहनीय पहल शुरू की है। इसकी हर कोई प्रशंसा कर रहा है। 
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जगदीश चंद ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई इन्हीं स्कूलों से की है। सात समंदर पार जाने के बावजूद वह अपने गांव को नहीं भूले हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए उन्होंने यह सराहनीय कदम उठाया है। इस बारे में जगदीश ने बाकायदा स्कूल के प्रधानाचार्य को लिखित पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। इसके तहत अगर परीक्षा में एक से अधिक बच्चे प्रथम दस स्थान में आते हैं, तो उनमें एक लाख रुपये की राशि बराबर बांटी जाएंगी।
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विषय में अधिक अंक लेने वाले छात्रों को भी मिलेगा इनाम

यही नहीं, जिस भी विषय में वह बच्चे अधिक अंक लेंगे, उसे भी 25 हजार रुपये इनाम स्वरूप दिए जाएंगे। अगर किसी छात्र को एक से अधिक विषयों में अंक बराबर होंगे, तो अध्यापकों को भी 25 हजार बराबर हिस्सों में बांटे जाएंगे। ग्राम पंचायत झबोला निवासी कंप्यूटर इंजीनियर जगदीश चंद सुपुत्र नंदलाल वर्तमान में अमेरिका में इंजीनियर हैं। 

इसकी पुष्टि दसलेहड़ा स्कूल के प्रधानाचार्य प्रेमचंद भारद्वाज ने की है। उन्हें इस बारे में लिखित पत्र स्कूल के नाम पर प्राप्त हुआ है। जगदीश चंद अपने देश और गांव के प्यार को नहीं भूल पाए हैं। इसके चलते उन्होंने ‘मेरे गांव का सपना’ नाम से गांव के दो सरकारी स्कूलों के बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का बीड़ा उठाया है। यह प्रतिस्पर्धा इस वर्ष से शुरू की जा रही है। 

हर साल करवाते हैं प्रतिस्पर्धा
जगदीश चंद इससे पहले भी दसलेहड़ा स्कूल में अपने पिता नंदलाल के नाम पर एक प्रतिस्पर्धा आयोजित करवाते हैं। इसका आयोजन हर वर्ष 25 जनवरी को होता है। यह प्रतिस्पर्धा अंग्रेजी विषय पर होती है। दसलेहड़ा स्कूल के प्रधानाचार्य प्रेमचंद भारद्वाज ने बताया कि उम्मीद है कि इस शुरुआत से सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी, वहीं प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित होगी।
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