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ब्यास में राफ्ट पलटने से महाराष्ट्र की महिला पर्यटक की मौत

Sat, 27 Apr 2019 05:26 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुल्लू
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- फोटो : अमर उजाला
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भुंतर एयरपोर्ट के समीप शनिवार को पर्यटकों से भरी एक राफ्ट ब्यास नदी में पलट गई। इस हादसे में महाराष्ट्र की एक महिला पर्यटक की ब्यास में डूबने से मौत हो गई। राफ्ट में सवार अन्य चार पर्यटकों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया, जिनमें मृतक महिला का पति भी शामिल है।

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पुलिस ने मामला दर्ज कर शव कब्जे में लेकर आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मृतका की पहचान 32 वर्षीय सारा सागर जगे 404 बी विंग अंबर स्टार, सीएचएस, खमबलपाड़ा, भैरवाड़ी, कंचनजोन डोंबीवली ईस्ट, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। जब महाराष्ट्र के पांच पर्यटक पिरडी में राफ्ट पर सवार होकर ब्यास में उतरे। सभी पर्यटकों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, उनके साथ गाइड भी थी।
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भुंतर एयरपोर्ट के समीप जैसे ही राफ्ट पहुंची तो पानी का बहाव अधिक होने से राफ्ट अचानक पलट गई। तीव्र बहाव के कारण सारा सागर जगे का हाथ अपने पति सागर शामकांत जगे से छूट गया। वह दूर तक पानी में बहती रही।

राफ्ट के साथ चल रही एक और राफ्ट से उतरकर गाइड ने पानी में बह रहे अन्य चार लोगों को तो रेस्क्यू कर लिया, लेकिन सारा को नहीं बचा सके। हादसे के बाद महिला का पति और उसका आठ साल का बेटा सदमे में है।

डीएसपी कुल्लू आशीष शर्मा ने बताया कि भुंतर के समीप ब्यास नदी में एक राफ्ट के पलटने से एक महिला पर्यटक की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। 

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लाइफ जैकेट दे दी, पानी में गिरने के बाद कैसे बचें नहीं दी ट्रेनिंग

- फोटो : अमर उजाला
साहसिक गतिविधियों के लिए विख्यात कुल्लू घाटी में हो रहे हादसे सैलानियों के साथ पर्यटन कारोबार के लिए भी घातक साबित हो रहे हैं। रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और ट्रैकिंग सैलानियों की जान पर भारी पड़ रही है।

इसका एक बड़ा कारण सैलानियों को आधे-अधूरे नियम बताना और जाने से पहले उन्हें ट्रेनिंग न देना है। ब्यास की लहरों में हुए इस हादसे से पहले अगर सैलानियों को हादसा होने पर कैसे बचा जाए इसकी ट्रेनिंग दी गई होती तो शायद महिला की जान नहीं जाती। 

पहाड़ों में ग्लेशियरों के पिघलने से ब्यास नदी का जलस्तर भी आजकल उफान पर है। ऐसे में राफ्टिंग के दौरान सैलानियों को उनकी सुरक्षा को देखते हुए गाइडलाइन को पूरा नहीं किया जा रहा है। राफ्ट पलटने पर सवारियों को कैसे तैरना चाहिए, राफ्ट को पकड़कर रखना चाहिए और वह बिना डरे हाथ-पांव मारे इसके बारे में नहीं बताया गया था। 

जिला कुल्लू में रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग गतिविधियां बड़े पैमाने पर की जाती हैं। इसमें करीब डेढ़ हजार युवा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार कमा रहे हैं। पिछले दिनों भी डोभी पैराग्लाइडिंग साइट में एक पर्यटक की मौत हो गई जबकि एक ट्रैकर की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। अभी तक दर्जनों सैलानी अपनी जान गंवा चुके हैं।

कुल्लू वैली राफ्टिंग ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रधान श्याम अत्री ने कहा कि राफ्टर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन का अनुपालन कर रहे हैं। उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि रिवर राफ्टिंग संचालक सरकार की गाइडलाइन के तहत काम कर रहे हैं कि नहीं इसके निरीक्षण करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कह कि इस हादसे की जांच चल रही है।
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