अन्य तीस सदस्यों की कमेटी में डॉ. ओकर शाद, राकेश सिंघा, डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, कुशाल भारद्वाज, प्रेम गौतम, डॉ. कुलदीप सिंह तंवर, संजय चौहान, विश्वनाथ शर्मा, रविंद्र कुमार, विजेंद्र मेहरा, जगतराम, भूपेंद्र सिंह, होतम सिंह सोंखला, कुमारी सुदेश, संतोष कपूर, फालमा चौहान, जोगिंद्र
कुमार, देवकीनंद, कपिल भारद्वाज, मुनीष शर्मा, नारायण चौहान, जयवंती, राजेंद्र चौहान, मोहित, अशोक कटोच, लोकिंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, अनिल मनकोटिया और परसराम शामिल हैं। बलबीर पराशर, नरेंद्र, गुरनाम राज्य कमेटी में आमंत्रित सदस्य होंगे।
अनुशासनात्मक मुद्दों की देखरेख के लिए पार्टी ने कंट्रोल कमीशन का गठन भी । इसमें अध्यक्ष सतपाल सिंह, प्रताप ठाकुर और एनडी रणौत शामिल हैं। सीपीआईएम के राज्य सचिवालय सदस्य के प्रेम गौतम ने कहा कि तीन अप्रैल को इन मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
नव उदारवाद और सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए वामपंथ का मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश सहित देश भर में सामाजिक आंदोलनों को मजबूत करते हुए जनता की एकता को बनाना होगा।
जनता के संगठनों को मजबूत करते हुए उनके आंदोलन तेज करने होंगे। यह बात माकपा केंद्रीय कमेटी के सदस्य और प्रदेश सीपीआईएम के प्रभारी विजय राघवन ने कही। कहा कि इस समय देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं से जूझ रही है।
देश में सामाजिक सेवाओं से बजट घटाकर पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाया जा रहा है।पूंजीपतियों की लूट को पूरा करने के लिए देश की जनता पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।
राघवन ने कुल्लू में आयोजित सीपीआईएम के 16वें सम्मेलन में कहा कि भाजपा देश की एकता के लिए बड़ा खतरा है। धन और बाहुबल के जोर पर भाजपा सत्ता हथियाने में भले ही कामयाब हो रही हो, लेकिन इससे देश की जनता की तकलीफें कम नहीं होंगी।