दोपहर 12 बजे भी मंदिर में लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर अपनी बारी आने पर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने मां को लाल रंग की चूड़ियां, चुनरी, शृंगार का सामान, फल और फूल अर्पित किए। उन्होंने मां के सामने शीश नवाकर सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की। दिनभर मंदिर में महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर मां काली का गुणगान किया। मंदिर प्रबंधन की ओर से दोपहर में भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। संवाद