जिन्होंने आवारा बैल को वहां से भगाया। जिसके बाद घायल महिला को निजी वाहन में नम्होल अस्पताल लाया गया। यहां पर महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद बिलासपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
लेकिन प्रयागु देवी के सिर पर गहरी चोट लगने से महिला की रास्ते में ही मौत हो गई। बिलासपुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रयागु देवी को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
ग्रामीणों में राज कुमार, शेर सिंह, जीत राम, कमल का कहना है की आज कल आवारा पशुओं के झूंड जगह-जगह देखने को मिल रहे हैं और लोगों को खासी परेशानी हो रही है।
नम्होल में भी कुछ दिनों से आवारा बेल को किसी ने वहां पर छोड़ दिया जो लोगों के लिए आफत बन गया है। आवारा पशु को पकडने के लिए विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आवारा बेलों से बचा जा सके।
ग्राम पंचायत प्रधान जीतराम ने बताया की महिला पर बैल के हमले की जानकारी उन्हें ग्रामीणों ने दी थी। हमले में महिला की मौत हो गई है। आवारा बैल को पकडने के लिए पशु विभाग को सूचित किया जाएगा।
जिला में सैकड़ों की संख्या में आवारा पशु है। हालांकि 2015 में हाई कोर्ट ने आदेश दिए थे कि गोशाला का निर्माण करें। वहीं जिस भी पंचायत, सड़क, शहर आदि में आवार पशु मिलेंगे वहां के प्रधान, नप अध्यक्ष, संबंधित जेई और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन आज तक हाई कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हो पाया। जबकि गत दो सालों में करीब 6 लोगों की आवारा पशुओं के हमले मे जान जा चुकी हैं।