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कुर्सी पर बैठ कर धूप सेंक रही थीं बुजुर्ग महिला, तभी हुआ कुछ ऐसा कि जान से हाथ धोना पड़ा

Sun, 21 Jan 2018 11:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नम्होल (बिलासपुर)
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सर्दी से बचने के लिए सड़क किनारे कुर्सी पर बैठ कर धूप सेंक रही बुजुर्ग महिला के साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसकी जान चली गई।  बहादरपुर धार के नजदीक टेपरा गांव में आवारा बैल के हमले से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है।

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बैल के हमले से महिला के सिर में गहरी चोट आ गई। जिसमें बिलासपुर अस्पताल आते समय महिला ने रास्ते में ही दमतोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव परिजनों को सौंप दिया है।

जानकारी के अनुसार प्रयागु देवी पत्नी दयाराम निवासी टेपरा गांव सुबह करीब दस बजे अपने घर के बाहर सड़क किनारे ठंड से बचने के लिए कुर्सी में बैठ कर धूप सेंक रही थीं। अचानक वहां पर आवारा बैल आ गया। 
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जिसने प्रयागु देवी को सिंगों से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे महिला साथ लगते डंगे से नीचे जा गिरी। गिरने से महिला के सिर में चोट आ गई। बुजुर्ग महिला के चिल्लाने की आवाजे सुनकर ग्रामीण व परिवार वाले वहां पर पहुंचे। 

आवारा पशुओं के झूंड से परेशानी में लोग

जिन्होंने आवारा बैल को वहां से भगाया। जिसके बाद घायल महिला को निजी वाहन में नम्होल अस्पताल लाया गया। यहां पर महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद बिलासपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

लेकिन प्रयागु देवी के सिर पर गहरी चोट लगने से महिला की रास्ते में ही मौत हो गई। बिलासपुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रयागु देवी को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। 

ग्रामीणों में राज कुमार, शेर सिंह, जीत राम, कमल का कहना है की आज कल आवारा पशुओं के झूंड जगह-जगह देखने को मिल रहे हैं और लोगों को खासी परेशानी हो रही है।

नम्होल में भी कुछ दिनों से आवारा बेल को किसी ने वहां पर छोड़ दिया जो लोगों के लिए आफत बन गया है। आवारा पशु को पकडने के लिए विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आवारा बेलों से बचा जा सके। 
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जिला में है सैकड़ों की संख्या में आवारा पशु

ग्राम पंचायत प्रधान जीतराम ने बताया की महिला पर बैल के हमले की जानकारी उन्हें ग्रामीणों ने दी थी। हमले में महिला की मौत हो गई है। आवारा बैल को पकडने के लिए पशु विभाग को सूचित किया जाएगा।

जिला में सैकड़ों की संख्या में आवारा पशु है। हालांकि 2015 में हाई कोर्ट ने आदेश दिए थे कि गोशाला का निर्माण करें। वहीं जिस भी पंचायत, सड़क, शहर आदि में आवार पशु मिलेंगे वहां के प्रधान, नप अध्यक्ष, संबंधित जेई और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन आज तक हाई कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं हो पाया। जबकि गत दो सालों में करीब 6 लोगों की आवारा पशुओं के हमले मे जान जा चुकी हैं। 
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