हिमाचल में अफसरों की लापरवाही से बढ़ी हुई दिहाड़ी लागू नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिहाड़ी बढ़ाने की मंशा से चुनाव आचार संहिता से पहले बजट सत्र एडवांस में बुलाया और 7 फरवरी को बजट में इसकी घोषणा भी कर दी।
लेकिन 7 फरवरी से 5 मार्च तक की अवधि में विभागों के अफसर आदेश ही जारी नहीं कर सके। ये आदेश अब चुनाव बाद ही होंगे।
चूंकि, अब इसकी अधिसूचना मई में जारी होगी, इसलिए निजी क्षेत्र के कामगारों को इस का लाभ उसी तारीख से मिलेगा।
मामला चुनाव आयोग को भेजा
इसी प्रकार पेंशनरों के लिए उम्र के हिसाब से भत्ता बढ़ाने की घोषणा भी लागू नहीं हो पाई। पेंशनरों की मांग पर वित्त विभाग ने केस चुनाव आयोग को भेजा है।
पुलिस और होमगार्ड जवानों के लिए घोषित बढ़े हुए भत्ते और पंचायत एवं शहरी निकाय प्रतिनिधियों के बढ़े हुए मानदेय को भी अब चुनाव आचार संहिता के बाद ही लागू किया जा सकेगा।
हालांकि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आंगनबाड़ी मानदेय को जरूर लागू कर दिया, लेकिन ऐसा अन्य विभाग नहीं कर पाए।
इन्हें हुआ नुकसान
-दिहाड़ीदार: दिहाड़ी 150 रुपये से बढ़कर 170 रुपये होनी थी। सरकारी और निजी क्षेत्र में यह लागू होती है।
-पेंशनर: पेंशन भत्ता 65-70, 70-75, 72-80 आयु पर 5, 10 और 15 फीसदी अतिरिक्त मिलना था।
-पुलिस एवं होमगार्ड : इंस्पेक्टर तक राशन भत्ता, होमगार्ड का दैनिक मानदेय एवं रैंक भत्ता 20 फीसदी बढ़ना था।
-पंचायत एवं शहरी निकाय प्रतिनिधि : पंचायतों, नगर परिषद और नगर पंचायत सदस्यों का मानदेय बढ़ना था।
प्रधान वित्त सचिव श्रीकांत बाल्दी ने बताया कि बजट संबंधी घोषणाओं पर वित्त विभाग ने कन्सेंट दे दी है। इस बारे में आदेश संबंधित विभागों को करने होते हैं।