हिमाचल प्रदेश के नुरपूर और जिला थाना शिमला को जल्द ही इंटरसेप्टर वाहन के साथ पुलिस गश्त, बचाव अभियान और आपातकालीन प्रतिक्रिया संचालन के लिए उपकरण उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके साथ ही कांगड़ा के पालमुपर-शीला चौक को सेफ कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। इसके लिए विश्व बैंक ने 47.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। पायलट आधार पर चयनित जिलों को वाहनों और उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। पहले चरण के बाद जिला मंडी और कांगड़ा को भी कवर किया जाएगा।
डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि प्रदेश पुलिस ने राज्यभर में सड़क हादसों और इनसे होने वाली मौतों को कम करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। पुलिस अब आधुनिक उपकरणों मसलन इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), ब्रेथ एनालाइजर, लेजर स्पीड गन, 4जी बॉडी वॉर्न कैमरा आदि का उपयोग कर रही है। हिमाचल के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विभिन्न स्थानों पर 46 आईटीएमएस स्थापित किए गए हैं। नवनिर्मित किरतपुर-मनाली फोरलेन राजमार्ग पर 10 और राज्य में अन्य जगह 18 नए आईटीएमएस स्थापित किए जा रहे हैं। इनके 31 दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है। इसके चलते अब यातायात नियम तोड़ने वालों के आनलाइन ही चालान हो जाएंगे।
सड़क हादसों में आई 13 फीसदी की कमी
पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष की तुलना में 1 जनवरी से 1 दिसंबर, 2023 की अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 13 प्रतिशत की कमी, मृत्यु दर में 19 प्रतिशत की कमी और चोटों में 15 प्रतिशत की कमी आई है। सड़क की लंबाई में 10 प्रतिशत की वृद्धि, सालाना वाहन पंजीकरण में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। प्रदेश में विभिन्न सड़क मार्गों पर ब्लैक स्पॉट का चयन कर दुरुस्त किया जा रहा है।