ई-टिकट व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह भी है कि फर्जी टिकटों पर काफी हद तक रोक लगेगी। डिजिटल सिस्टम के चलते हर टिकट का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक है, क्योंकि कागज के उपयोग में कमी आएगी। यदि धर्मशाला में यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो भविष्य में इसे दूसरे स्टेडियमों में भी लागू किया जा सकता है। इससे दर्शकों का अनुभव बेहतर होगा और आयोजन समिति को भी प्रबंधन में आसानी होगी। एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में होने वाले आईपीएल मैचों के दौरान दर्शकों की सुविधा के लिए ई-टिकट व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके लिए फ्रेंचाइजी की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में भारत-दक्षिण अफ्रीका टी-20 मैच के दौरान भी ई-टिकट की सुविधा दी गई थी, जिससे दर्शकों को टिकट की कॉपी लेने के लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ा।
स्कैनिंग में आई थी दिक्कत
14 दिसंबर को धर्मशाला में हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका टी-20 मैच के दौरान ई-टिकट से प्रवेश करते समय कुछ दर्शकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। नेटवर्क समस्या के कारण स्कैनिंग मशीनें ठीक से काम नहीं कर पा रही थीं। इसके चलते स्टेडियम के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं।