प्रदेश भर में तैनात 85 हजार न्यू पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारियों ने मंगलवार को काला दिवस मनाया और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज किया। न्यू पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर पूरे प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में मुलाजिमों ने नई पेंशन योजना के विरोध में काले बिल्ले लगाकर कार्य किया।
सरकार से मांग की गई है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। केंद्र सरकार एनपीएस कर्मचारियों को जो लाभ दिए जाते हैं, वह हिमाचल सरकार नहीं दे रही। हिमाचल में 1 जनवरी, 2003 को लागू की नई पेंशन योजना लागू की गई है।
संघ के अध्यक्ष नरेश ठाकुर और मुख्य प्रवक्ता कुशाल शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालय में पूरे दिन काले बिल्ले लगाकर कर एनपीएस योजना के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। यह काला दिवस समूचे राष्ट्र के 60 लाख कर्मचारियों और हिमाचल प्रदेश के 85 हजार कर्मचारियों ने व्यापक स्तर पर नई पेंशन नीति का विरोध जताया।
एनपीएस कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के राज्य ने कहा कि आज ही के दिन 1 जनवरी, 2004 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने सभी राज्यों की सरकारों के साथ एक एमओयू के तहत पुरानी पेंशन योजना बंद करके नई पेंशन योजना लागू करके कर्मचारियों को पेंशन लाभ से वंचित कर दिया।
इसके लागू होने से कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति और वृद्धावस्था के समय को पूरी तरह से असुरक्षित और चिंताजनक बना दिया गया है। सेवानिवृत्ति का डर कर्मचारियों को अभी से सताने लगा है। इस संदर्भ में 28 अक्तूबर को सभी सांसदों के घरों के बाहर किया था। इसमें संबंधित सांसदों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की थी।
26 नवंबर को दिल्ली महारैली के माध्यम से केंद्र सरकार को अपना मांग पत्र प्रेषित करके पुरानी पेंशन को पुन: लागू करवाने का मामला उठाया था। इस पर केंद्र सरकार ने 10 प्रतिशत सरकारी अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जोकि कर्मचारियों को रास नहीं आ रहा है। पुरानी पेंशन योजना तुरंत बहाल की जाए, जिससे 2019 में सरकार का रास्ता भी साफ हो जाए।