प्रसिद्ध शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी मंदिर में अब टोकन से दर्शन होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में नया सिस्टम लागू किया जा रहा है। पहले श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जाएगा, इसके बाद पर्ची (टोकन) दिए जाएंगे।
इससे भीड़ भी नियंत्रित रहेगी और 28 मार्च से शुरू हो रहे ग्रीष्मकालीन नवरात्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी। बज्रेश्वरी देवी मंदिर ट्रस्ट की वीरवार को हुई बैठक में इस संदर्भ में जानकारी दी गई। ऐसी व्यवस्था चिंतपूर्णी मंदिर में पहले से ही की गई है। मीटिंग में मंदिर आयुक्त देवाश्वेता वानिक ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण और टोकन सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव रखा।
इस पर ट्रस्ट के सदस्यों ने विस्तृत चर्चा की और आपसी सहमति बनाकर इसे लागू करने में प्राथमिकता देने को कहा। टोकन देने का कार्य एक कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। कंपनी कांगड़ा में श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए कंप्यूटर मुहैया कराएगी और स्थानीय कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण देगी। इससे सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होंगे और श्रद्धालुओं की गणना भी हो सकेगी।
मंदिर परिसर में कार्यकाल पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन पर तैनात कर्मचारियों को नियमित करने और समेकित वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बनाने पर चर्चा की गई। इसके अलावा 28 मार्च से शुरू होने वाले ग्रीष्मकालीन नवरात्र मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को आवासीय सुविधा, पार्किंग, बिजली प्रबंध, शौचालय, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता और लंगर व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही गई।
मीटिंग में तहसीलदार प्रेम कुमार शर्मा, डीएसपी सुरेंद्र शर्मा, नप अध्यक्ष सुमन वर्मा, कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला, एसएमओ डॉ. गुरदर्शन गुप्ता, नरेंद्र त्रिवेदी, रविशंकर, मुनीष कांसरा, उमेश शर्मा, व्यापार मंडल प्रधान पं. वेद प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।