दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति सुधारने के लिए पहल
जिला चंबा के दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने नीति आयोग को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि यह प्रयास चंबा जिले के आकांक्षी जिला होने के कारण खास महत्व रखता है और इसे पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है। इस परियोजना का उद्देश्य केवल शिक्षकों की कमी को दूर करना नहीं है, बल्कि शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और उनके कौशल में वृद्धि करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करना भी है।
यह मिलेगा फायदा, प्रमाण पत्र भी मिलेगा
इस योजना में प्रशिक्षित शिक्षकों को एक साल तक मासिक वजीफा प्रदान किया जाएगा। यह वजीफा 50 फीसदी नीति आयोग की ओर से और 50 फीसदी राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उन्हें एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा। इससे न केवल इन शिक्षकों का कौशल उन्नत होगा, बल्कि उन्हें भविष्य में और अधिक अवसर मिलेंगे।