प्रदेश में इसी शैक्षणिक सत्र से 12 कॉलेजों में शुरू होने जा रही वोकेशनल डिग्री में प्रवेश लेने वाले सालाना दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को प्रति माह एक हजार रुपये कौशल विकास भत्ता मिलेगा।
आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा देने और नौकरी प्राप्त करने का मौका देने के लिए हिमाचल सरकार ने यह योजना शुरू की है। तीन साल की इस डिग्री के तहत पात्र विद्यार्थियों को प्रति माह एक हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा।
प्रदेश के दस जिलों के 12 डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2017-18 से वोकेशनल डिग्री शुरू होगी। बैचलर इन वोकेशनल स्टडी के तहत टूरिज्म और रिटेल विषय में विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी।
जून महीने से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से वोकेशनल डिग्री के तहत छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला को छोड़कर सरकार ने प्रदेश के दस जिलों के 12 बड़े कॉलेजों को वोकेशनल डिग्री शुरू करने के लिए चुना है।
1800 से अधिक छात्रों की संख्या वाले इन कॉलेजों में पहले चरण में डिग्री शुरू की जाएगी। इन कॉलेजों में डिग्री को मिलने वाले रिस्पांस को देखने के बाद प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वोकेशनल डिग्री शुरू की जाएगी।
इन कॉलेजों में होगी डिग्री, होगा एंट्रेंस टेस्ट
डिग्री शुरू करने के लिए शिक्षा विभाग और राज्य विश्वविद्यालय ने शिक्षकों का चयन पूरा कर लिया है। वोकेशनल डिग्री के तहत छात्रों का कौशल विकास होगा। कौशल विकास निगम के साथ मिलकर उच्च शिक्षा निदेशालय कॉलेजों में बीवॉक शुरू करेगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने इसकी पुष्टि की है।
अगले साल से होगा एंट्रेंस टेस्ट
वोकेशनल डिग्री में इस साल प्रवेश बिना एंट्रेंस के दिया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से बीवॉक करने के लिए एंट्रेंस टेस्ट लिया जाएगा। इसके अलावा जिन विद्यार्थियों ने जमा दो में वोकेशनल विषय पढ़े हैं, उनके लिए कॉलेजों में बीवॉक के तहत इस साल कुछ सीटें आरक्षित रखी जाएंगी।
इन कॉलेजों में होगी डिग्री
बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, धर्मशाला, नूरपुर, कुल्लू, मंडी, एक्सिलेंस कॉलेज संजौली, रामपुर, सोलन, नाहन और ऊना डिग्री कॉलेजों में वोकेशनल डिग्री शुरू की जाएगी।