प्रदेश में अब मेडिकल और नॉन मेडिकल के शिक्षक भी बीआरसीसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोआर्डिनेटर) बन सकेंगे। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने बीआरसीसी की नियुक्ति को लेकर पालिसी संशोधित कर दी है। पहले जेबीटी-टीजीटी आर्ट्स को ही बीआरसीसी बनाया जाता था। अब अन्य शिक्षकों को भी बीआरसीसी बनने का मौका मिल सकेगा।
बीआरसीसी पर शिक्षकों और विभाग के बीच सामंजस्य बनाने का जिम्मा होता है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत चलाए जाने वाले कार्यक्रमों को ब्लॉक स्तर पर शुरू करवाने, उनकी निगरानी करने का काम बीआरसीसी करते हैं।
शिक्षकों को दी जाने वाली ट्रेनिंग को आयोजित करने का जिम्मा भी इन्हीं पर होता है। प्रदेश में 125 प्राइमरी और 125 अपर प्राइमरी ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक में एक बीआरसीसी नियुक्त किया जाता है। प्राइमरी स्तर पर जेबीटी और अपर प्राइमरी के लिए टीजीटी को बीआरसीसी लगाया जाता है। सीएंडवी, लेक्चर और पीजीटी इसके लिए पात्र नहीं होते हैं।
बीआरसीसी की तीन साल के लिए नियुक्ति होती है। बीए, बीएससी, बीकॉम में 45 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बीआरसीसी नियुक्त किया जाता है। बीआरसीसी बनने के लिए प्राइमरी स्तर पर शिक्षक का जेबीटी में 45 फीसदी और अपर प्राइमरी स्तर पर बीएड में 45 फीसदी अंक होना अनिवार्य किया गया है।
50 साल तक की आयु के शिक्षक इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। कम से कम दस साल तक पढ़ाने का अनुभव रखने की शर्त भी शिक्षकों के लिए लगाई गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय बीआरसीसी का चयन करती है।