रोहतांग टनल अब यूरोप की तर्ज पर बनेगी। इस टनल में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। आग बुझाने के उपकरण और वाहनों को मोड़ने के लिए टर्निंग कैबिन की सुविधा भी होगी। भीतर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टनल के बाहर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
हालांकि इस काम को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य दो साल और खिंचेगा। पहले वर्ष 2017 में टनल का निर्माण पूरा होना था लेकिन अब वर्ष 2019 में यह टनल बनकर तैयार होगी। टनल करीब नौ किलोमीटर है जो डबल लेन बन रही है। टनल के भीतर टर्निंग कैबिन दो किलोमीटर की दूरी पर बनेंगे।