अब पंचायत प्रधानों के आवेदन पर ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर नई बसें चलेंगी। इन बसों को चलाने के लिए प्रदेश सरकार मंत्री, विधायकों की अपेक्षा प्रधानों के आवेदनों को ज्यादा तरजीह देगी। परिवहन निगम के बेड़े में 300 नई बसें जुड़ रही हैं।
इनमें 250 बसें ग्रामीण रूटों पर चलाई जानी हैं। ये बसें अगस्त में आनी शुरू हो जाएंगी। परिवहन निगम के पास नई बसों को लेकर 500 के करीब आवेदन आए हैं। पंचायतों प्रतिनिधियों को भी बस चलाने के लिए ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित करना होगा।
इसके बाद परिवहन निगम मौके पर जाकर सवारियों की संख्या देखेंगे। एक महीने तक यह अफसर निगम प्रबंधन को इसकी रिपोर्ट देंगे। अगर रूट घाटे का होगा तो बसों को बंद भी किया जा सकता है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि सैकड़ों पंचायत प्रधानों ने परिवहन निगम के पास बसें चलाने को आवेदन किए हैं। इनको प्राथमिकता दी जा रही है।
32 सौ बसें हैं निगम के बेड़े में
परिवहन निगम के बेड़े में 3200 बसें हैं। इनमें 300 बसें और शामिल हो रही हैं। परिवहन निगम का मानना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में नई सड़कें बन रही है। इनमें बसें चलाने की ज्यादा डिमांड आ रही है।