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अब पहली कक्षा से एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने की तैयारी

Wed, 29 Mar 2017 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। अभी इन कक्षाओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की किताबों से पढ़ाया जा रहा है।
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किताबों को बदलने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद किताबों को बदल दिया जाएगा। मंगलवार को सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय में किताबों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई।

किताबों को बदलने के लिए तर्क दिया गया कि एनसीईआरटी की किताबों को पूरे देश में सबसे बेहतर आंका जाता है। छठी से हिमाचल के सरकारी स्कूलों में भी इन्हीं किताबों से पढ़ाया जाता है। अगर पहली कक्षा से ही एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जाए तो विद्यार्थियों के लिए बेहतर होगा। अधिकारियों का मानना है कि एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने से शिक्षा में गुणवत्ता और एकरूपता आएगी।
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प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, सर्व शिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राथमिक स्तर पर पाठ्य पुस्तकों को और बेहतर बनाने व प्रदेश में लागू की गई  पुस्तकों की विषयवस्तु की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में खास तौर पर उपस्थित हमीरपुर से आए सदस्य सेवानिवृत्त अध्यापक को राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने सम्मानित भी किया।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक व राज्य परियोजना निदेशक ने इस सुझाव को सरकार तक पहुंचाने की बात कही। बैठक में उपनिदेशक मंडी, प्रधानाचार्या डाइट सोलन, स्कूल शिक्षा बोर्ड के सदस्य, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के प्राध्यापक सदस्य, प्राइमरी अध्यापक फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष सहित सेवानिवृत्त अध्यापकों,  प्राइमरी अध्यापकों और परियोजना निदेशालय से सभी समन्वयकों ने हिस्सा लिया। 
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