जेबीटी प्रशिक्षु अब गृह जिले के अलावा अन्य जिलों में होने वाली सीधी भर्ती के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। हिमाचल प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने प्रदेश सरकार के उस प्रावधान को अवैध करार दिया जिसके तहत केवल वही प्रशिक्षु आवेदन कर सकता था जिसका नाम संबंधित जिला के रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हो।
ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीके शर्मा और सदस्य प्रेम कुमार की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार के प्रावधान को संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार के विपरीत करार दिया है। ट्रिब्यूनल ने टेट की मेरिट के आधार पर भर्ती करने पर फैसला देने से यह कह कर इंकार कर दिया कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
मामले के अनुसार हिमाचल सरकार ने जिलावार कुल 1308 पद भरने के लिए वर्ष 2012 में आवेदन मांगे थे। 23 अगस्त 2012 को जारी शर्त के अनुसार वही प्रशिक्षु आवेदन के लिए पात्र था जिसका नाम संबंधित जिला के रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है।