थोक भाव पर 25 फीसदी मुनाफा कमा सकते हैं विक्रेता संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। शहर में सब्जी और फल विक्रेता अब अपनी मनमर्जी से दाम तय नहीं कर पाएंगे। खाद्य आपूर्ति विभाग ने विक्रेताओं के लिए मुनाफे की सीमा निर्धारित कर दी है। विभाग का दावा है कि इन्हीं दामों पर फल और सब्जियां बेची जाएंगी। शहर में कोई विक्रेता अगर सब्जियों और फलों के अधिक दाम बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले पीसी ठाकुर ने बताया कि सब्जियों के थोक भाव पर विक्रेता 25 फीसदी तक मुनाफा कमा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर भिंडी थोक भाव में 30 किलो पड़ती है तो परचून में इसे 37 से 38 रुपये प्रतिकिलो बेचा जा सकता है। राजधानी में फलों और सब्जियों के दामों में आजकल काफी उछाल आया है। कुछ विक्रेता बिना रेट लिस्ट के भी सब्जियां बेच रहे हैं। आलम यह है कि थोक में 70 से 80 रुपये बिकने वाला टमाटर परचून में 140 से 160 प्रति किलो बेचा गया।
थोक और परचून भाव में दोगुना तक अंतर है। लोग भी इसकी हर रोज शिकायत कर रहे हैं। अब मुनाफा तय होने के बाद सब्जी विक्रेता मनमाने तरीके से सब्जियों के दाम नहीं वसूल सकते। विभाग के निरीक्षकों को निर्देश जारी हुए हैं कि वह मौके पर जाकर दुकानों का भी निरीक्षण करें। दुकानों में रेट लिस्ट नहीं लगी है तो उसे लगवाएं तथा मनमानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं।