30 साल बाद बदली जा रही देश की शिक्षा नीति को लेकर सोमवार को नई दिल्ली में बैठक हुई। प्रदेश सरकार की सिफारिशों को उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की कमेटी से अवगत कराया।
सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की प्राथमिक पाठशालाओं में प्री नर्सरी कक्षाएं शुरू करने, पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने और परीक्षाओं में कंपार्टमेंट की व्यवस्था को समाप्त करने की वकालत की। नई शिक्षा नीति बनाने के लिए सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग से राय ली है।
पंचायत, जिला परिषद प्रतिनिधियों के अलावा शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से चर्चा की गई है। इन सभी वर्गों से लिखित राय भी ली गई। हिमाचल ने नई शिक्षा नीति जन सहभागिता से बनाई है।