प्रदेश सरकार ने कोटखाई के गुडि़या प्रकरण में सीबीआई जांच की सिफारिश की है। एसआईटी जांच के बाद जिन 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उससे स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं। आक्रोशित भीड़ ने शुक्रवार को सीबीआई जांच की मांग को लेकर ठियोग में पुलिस थाने पर हमला कर कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
उग्र आंदोलन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की सचिवालय में आपात बैठक हुई। बैठक के बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की। शासन ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।
सीएम बोले- देवभूमि के लोगों की भावनाएं हुईं आहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है, ताकि किसी के भी दिमाग में किसी तरह का संशय न रहे। दो दिवसीय कुल्लू दौरे से लौटे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आते ही अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने गुडि़या प्रकरण को लेकर पूरी स्थिति का जायजा लिया।
सीएम ने कहा कि गुडि़या की दुराचार के बाद हत्या मामले ने देवभूमि के लोगों की भावनाओं को हिलाकर रख दिया है। मामला सामने आने के बाद एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी की अगुवाई में स्मार्ट शिमला पुलिस जांच में जुटी, लेकिन आरोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद एक उच्च स्तरीय दल जांच के लिए गठित किया गया।
राजनीतिक रंग देने की है कोशिश
सरकार ने मामले पर तत्परता दिखाते हुए पुलिस महानिदेशक को विशेष जांच दल गठित करने व दोषियों को पकड़ने के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। विशेष जांच दल की जांच पड़ताल के आधार पर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के गिरफ्त में आने के बाद उन्हें शिमला लाने के दौरान पहले से ताक में बैठे एक संगठित समूह ने काफिले पर हमला किया। इसके अलावा शुक्रवार को ठियोग से लेकर शिमला तक कई जगह प्रदर्शन, चक्काजाम और सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ठियोग में मचाए गए उपद्रव और सार्वजनिक संपत्ति को किए गए नुकसान की घटना के पीछे राजनीतिक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गुडि़या के परिवार के साथ संवेदना जताने की बजाय इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
केंद्र लेगा प्रस्ताव पर निर्णय
राज्य सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश के लिए अधिसूचना जारी कर केंद्र को भेजेगी। केंद्र सरकार मामले को लेकर राज्य सरकार से संपर्क साधेगी।
मामले की संवेदनशीलता और अब तक हुई पुलिस जांच पर अध्ययन के बाद गृह विभाग सीबीआई निदेशालय को निर्देशित करेगा।
इसके बाद जांच एजेंसी हिमाचल पुलिस से मामले से संबंधित अब तक हुई पड़ताल के दस्तावेज और तथ्यों को अपने अधिकार में लेकर नए सिरे से प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू करेगा।