हिमाचल के पौने तीन लाख कर्मचारियों को अब अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। इससे पहले प्रदेश सरकार एचएएस और आईएएस अफसरों की संपत्ति की डिटेल ही एकत्रित कर सार्वजनिक करती थी। नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार ने सभी विभागों को आदेश जारी कर सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा अनिवार्य रूप से देने के आदेश दिए हैं।
इसमें चल, अचल सहित हर तरह की संपत्ति शामिल होगी। जानकारी न देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्मिक विभाग की वेबसाइट से परफार्मा डाउनलोड करना होगा। संपत्ति के ब्यौरे की जानकारी को विभाग को ई मेल कर सकते हैं या इसके अलावा हार्ड कापी रजिस्ट्री से भेज सकते हैं। आईएएस, एचएएस और एचओडी को अपना ब्यौरा कार्मिक विभाग को देना होगा।
इसलिए लिया गया ये फैसला
वहीं, कर्मचारियों को अपना ब्यौरा विभागाध्यक्षों को देना होगा। नौकरी ज्वाइन करने वाले नए कर्मचारी को पद ग्रहण के समय से ब्योरा देना होगा। क्लास वन अफसरों और कर्मचारियों को तीन साल के अंतराल के बाद संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह व्यवस्था की है।
कार्मिक विभाग के अतिरिक्त सचिव डा. मान सिंह ने सभी आईएएस, एचएएस और एचओडी को पत्र जारी कर मार्च 2015 तक की संपत्ति का ब्यौरा जल्द से जल्द देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को अपने विभागों से संपर्क करने को कहा है। आईएएएस अफसरों को कार्मिक और लोकायुक्त दोनों को ब्यौरा देना पड़ता है।
ये देनी होगी जानकारी
बैंक अकाउंट, उनमें जमा राशि, बचत पत्र, एफडी, बीमा पॉलिसी, वाहनों की संख्या, मौजूदा वैल्यू, गहने-जेवरात की जानकारी वजन सहित, जमीन, मकान, दुकान अन्य संपत्ति की जानकारी मौजूदा वैल्यू के साथ, पत्नी या बच्चों या आश्रितों के नाम जो भी संपत्ति है उसका भी ब्योरा, लोन या अन्य उधार की जानकारी देनी होगी।
ये होगा फायदा
- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा
- काम में पारदर्शिता आएगी
- संपत्ति का आकलन आसन होगा
- जांच मामलों में मिलेगी मदद
आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच व पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने फैसला लिया है। सभी प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों को आदेशों से अवगत करवा दिया है--एसकेबीएस नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक