शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता लाने को अब केंद्र सरकार को दो साल का प्रस्ताव एक साथ भेजा जाएगा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय को प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की अगले वर्ष होने वाली बैठक के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को राज्य सचिवालय में प्रदेश भर के जिला परियोजना अधिकारियों के साथ आयेाजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा सचिव ने कहा कि अब केंद्र सरकार को एक साल की जगह दो साल का प्रस्ताव भेजा जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान का परियोजना कार्यालय इसके लिए उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के साथ समन्वय बनाकर प्रस्ताव तैयार करें। प्रोजेक्ट अप्रबूल बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट मंजूर किया जाता है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक के लिए भी हितधारकों से चर्चा करने के बाद प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं क्लस्टर स्कूल और एक्सीलेंस स्कूलों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षा सचिव ने कहा कि जल्द से जल्द क्लस्टर और एक्सीलेंस स्कूलों का चयन किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से प्रदेश में इन योजनाओं को लागू किया जाना है। पहली और दूसरी कक्षा में नये शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाले अंग्रेजी माध्यम को लेकर भी शिक्षा सचिव ने सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।