पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) के विरोध के बीच प्रदेश सरकार ने इन शिक्षकों को प्रवक्ता स्कूल न्यू पदनाम देने की राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी है। पदनाम बदलने के साथ ही शिक्षकों के भर्ती एवं पदोन्नति नियम भी संशोधित किए गए हैं। प्रवक्ता स्कूल न्यू को छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
पदनाम बदलने का पीजीटी बीते कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से भी इस मामले की शिकायत की। बीते दिनों प्रधान सचिव शिक्षा को भी शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपा। इसके बावजूद सरकार ने नया पदनाम देने की बुधवार को जारी किए राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करते हुए तत्काल प्रभाव से नई व्यवस्था लागू कर दी है।
अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 16 हजार पीजीटी को प्रवक्ता स्कूल न्यू नाम से जाना जाएगा। अधिसूचना के अनुसार जमा एक और जमा दो कक्षा में यह शिक्षक पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान पढ़े विषय पढ़ाएंगे जबकि छठी से दसवीं तक ग्रेजुएशन में पढ़े विषयों को विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। संशोधित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत शिक्षकों का दर्जा क्लास टू से कम कर क्लास थ्री कर दिया गया है। पदोन्नति की प्रक्रिया का इसमें विशेष उल्लेख नहीं है।
उधर, प्रदेश स्नातकोत्तर अध्यापक संघ ने प्रवक्ता के साथ स्कूल न्यू शब्द जोड़ने का विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष चितरंजन कालटा ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने पदनाम प्रवक्ता करने की घोषणा की थी लेकिन अफसरशाही ने अधिसूचना में स्कूल न्यू शब्द जोड़ कर शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों सरकार को अधिसूचना वापस लेने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसी कड़ी में 16 सितंबर को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।