पहली से आठवीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील की रोजाना जानकारी नहीं देने वाले प्रदेश के पांच हजार से अधिक स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने एक सप्ताह के भीतर सभी मिड-डे मील प्रभारियों से जवाब तलब किया है।
निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि नोटिस का असंतुष्ट जवाब देने वाले प्रभारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की डेली रिपोर्टिंग की जाती है। इसके लिए प्रदेश में एनआईसी ने डेली मिड-डे मील ऑटोमेटिड मील रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है।
इसके तहत प्रदेश के पंद्रह हजार से ज्यादा स्कूलों के मिड-डे मील प्रभारियों को रोजाना की मिड-डे मील की रिपोर्ट एसएमएस से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भेजना अनिवार्य किया है। रिपोर्टिंग को प्रभावी करने के लिए एसएमएस सेवा को निशुल्क रखा गया है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस संबंध में हिमाचल को टोल फ्री एसएमएस नंबर दिया हुआ है।
इस व्यवस्था के लागू होने से निदेशालय को रोजाना यह जानकारी मिलेगी कि कितना खाना बांटा गया, लेकिन इस योजना को सफलतापूर्वक चलाने में करीब पांच हजार स्कूल बाधक बनकर खड़े हो गए हैं। इन स्कूलों पर शिकंजा कसने के लिए निदेशालय ने नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस के माध्यम से जानकारी नही देने के कारण पूछे गए हैं। उधर, जानकारी में आया है कि कई शिक्षकों का कहना है कि उनके क्षेत्रों में मोबाइल फोन का नेटवर्क नहीं होता है। ऐसे में सूचना भेजने में परेशानियां पेश आ रही हैं। ऐसे स्कूलों का निदेशालय का स्टाफ निरीक्षण कर नेटवर्क की जांच भी करेगा।