हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
- फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश के सरकारी और बोर्ड से संबद्धता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को हिंदी का ज्ञान अब ‘रिमझिम’ नहीं, बल्कि ‘वीना’ देगी। इसके साथ ही मैथ मैजिक की जगह मैथ मेला और मैरीगोल्ड की जगह संतूर पुस्तक अंग्रेजी विषय का ज्ञान देगी। शिक्षा बोर्ड इस व्यवस्था को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में करेगा। एनसीईआरटी के निर्देशों और नई शिक्षा नीति में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा तीन की पुस्तकों के नाम और पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हिंदी की पुस्तक रिमझिम के स्थान अब वीना ले लेगी। इन नामों और पाठ्यक्रम के साथ शिक्षा बोर्ड ने पुस्तकों का प्रकाश करेगा, जबकि पुरानी पुस्तकों को स्कूलों में वितरित नहीं करेगा।
वहीं दूसरी ओर तीसरी कक्षा में जहां छात्रों को अंग्रेजी विषय के लिए मैरी गोल्ड पुस्तक पढ़ाई जाती थी, लेकिन अब नई शिक्षा नीति के तहत अगले शैक्षणिक सत्र से इस पुस्तक का नाम संतूर होगा। वहीं बच्चों को जमा-घटाव और गुणा-भाग का ज्ञान देने वाली गणित की पुस्तक का नाम मेला होगा, जबकि इससे पहले मैथ मैजिक के नाम से गणित की पुस्तक बच्चों को पढ़ाई जा रही थी। अगले सत्र के दौरान पुस्तकों के नामों में जहां बदलाव किया गया है, वहीं पाठ्यक्रम में भी कुछ बदलाव होगा।
नई शिक्षा नीति में एनसीईआरटी ने पहली से तीसरी कक्षा तक के विषयों में बदलाव किया है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में भी अगले शैक्षणिक सत्र में तीसरी कक्षा की किताबों के नामों और पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किया गया है। उसी के हिसाब से शिक्षा बोर्ड अगले शैक्षणिक सत्र में स्कूलों में किताबें वितरित की जाएंगी।- डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला