प्रदेश सरकार उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों से करे बातचीत संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की स्वायत्तता के मुद्दे पर गैर शिक्षक कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर, विधि अध्ययन संस्थान (यूआईएलएस) और सांध्यकालीन महाविद्यालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
कर्मचारी विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल करने और इस मामले में प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय स्वायत्तता बचाओ संघर्ष मंच के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन के समक्ष गेट मीटिंग कर विरोध जताया। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और कुलपति को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल करने की मांग उठाई जा चुकी है। कर्मचारियों की मांग है कि प्रदेश सरकार उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों से बातचीत करे ताकि इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जा सके। मंच के अध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिलने का समय मांगा है।
काले बिल्ले लगाकर जताएंगे विरोध संघर्ष मंच ने आंदोलन के तहत गेट मीटिंग जारी रखने, विश्वविद्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाने और काले बिल्ले लगाकर विरोध जताने का निर्णय लिया है। कर्मचारी विश्वविद्यालय अधिनियम की संबंधित उपधाराओं में संशोधन कर स्वायत्तता बहाल करने की मांग कर रहे हैं। गेट मीटिंग में महासचिव नरेश कुमार शर्मा, मंजु बाला, सुनील दत्त शर्मा और सुरेश कुमार वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।