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दुनिया की समस्याएं करुणा से दूर करेंगे दो शांति दूत, दलाईलामा और सत्यार्थी मिलकर लिख रहे किताब

Mon, 27 May 2019 09:58 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा दुनिया की समस्याओं को करुणा से खत्म करने के लिए मिलकर किताब लिख रहे हैं। सोमवार सुबह कैलाश सत्यार्थी ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से मुलाकात की।

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दोनों हस्तियों ने करीब आधा घंटा चर्चा की। कैलाश सत्यार्थी 29 मई तक धर्मशाला में रहेंगे। वह दलाईलामा से 28 और 29 मई को भी चर्चा करेंगे। कैलाश सत्यार्थी बाल अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं।

बाल अधिकारों के लिए किए कार्यों के लिए उन्हें साल 2014 में पाकिस्तान की मलाला युसुफजई के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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बाल श्रम के विरुद्ध रहे सत्यार्थी को बचपन बचाओ आंदोलन से ख्याति मिली। आंदोलन की स्थापना के बाद वह विश्व के विभिन्न देशों के हजारों बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर चुके हैं। 

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कई किताबें लिख चुके हैं धर्मगुरु और सत्यार्थी

- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2015 में दक्षिण अफ्रीका के प्रख्यात समाज सुधारक नोबेल पुरस्कार विजेता डेसमंड टुटू भी दलाईलामा से मिले थे। उस वक्त दलाईलामा और डेसमंड टुटू ने कई दिनों तक चर्चा कर बुक ऑफ जॉय किताब लिखी थी। 

धर्मगुुरु दलाईलामा ने अब तक आनंद की ओर, आज़ाद शरणार्थी, जीवन जीने की कला, दैनिक जीवन में ध्यान -साधना का विकास, क्रोधोपचार, करुणाशील हृदय, अपनी धरती अपने लोग, द पाथ टू एनलाइटनमेंट, द पावर ऑफ कम्पैशन, आर्ट ऑफ हैपीनेस समेत करीब 36 किताबें लिख चुके हैं।

कैलाश सत्यार्थी ने चार किताबें बदलाव के बोल, आजाद बचपन की ओर, विल फॉर चिल्ड्रन और ग्लोबलाइजेशन डेवलपमेंट एंड चाइल्ड राइट्स लिखी हैं। 
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