गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2015 में दक्षिण अफ्रीका के प्रख्यात समाज सुधारक नोबेल पुरस्कार विजेता डेसमंड टुटू भी दलाईलामा से मिले थे। उस वक्त दलाईलामा और डेसमंड टुटू ने कई दिनों तक चर्चा कर बुक ऑफ जॉय किताब लिखी थी।
धर्मगुुरु दलाईलामा ने अब तक आनंद की ओर, आज़ाद शरणार्थी, जीवन जीने की कला, दैनिक जीवन में ध्यान -साधना का विकास, क्रोधोपचार, करुणाशील हृदय, अपनी धरती अपने लोग, द पाथ टू एनलाइटनमेंट, द पावर ऑफ कम्पैशन, आर्ट ऑफ हैपीनेस समेत करीब 36 किताबें लिख चुके हैं।
कैलाश सत्यार्थी ने चार किताबें बदलाव के बोल, आजाद बचपन की ओर, विल फॉर चिल्ड्रन और ग्लोबलाइजेशन डेवलपमेंट एंड चाइल्ड राइट्स लिखी हैं।