सोमवार को कॉलेज में 140 में से करीब 88 विद्यार्थी पहुंचे। इनमें 62 छात्राएं और 26 छात्र थे। ये बाकायदा कमरों में बैठ गए, लेकिन उन्हें पढ़ाने वाला कोई नहीं आया। सुबह 9:30 बजे से विद्यार्थी कॉलेज में पहुंचने लगे थे। 11 बजे तक सभी छात्र-छात्राएं घर लौट गए।
न हाजिरी लगी और न कोई पढ़ाई हुई। कुछ अभिभावकों ने दूसरे कॉलेजों में माइग्रेशन तक करवाने का मन बना लिया है। अभिभावक विजय, राकेश, कमल, हेमचंद, बीना देवी, सरोज बाला, किरण आदि ने बताया कि पहले ही विद्यार्थियों का एक महीना प्रवेश तिथि बढ़ाने के कारण बर्बाद हो गया है।
प्रवेश की अंतिम तिथि तक भी सरकार ने प्रवक्ताओं की तैनात नहीं की। विवश होकर अपने बच्चों की माइग्रेशन दूसरे कॉलेज में करवानी पड़ेगी।
डिग्री कॉलेज ददाहू के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. दिनेश भारद्वाज ने बताया कि स्टाफ मुहैया करवाने के लिए एक बार फिर विभाग से पत्राचार किया है। कॉलेज की स्थिति के बारे में अवगत करवाया है। स्टाफ न होने पर कॉलेज आए बच्चों को घर भेज दिया है। उन्हें अगले सोमवार आने को कहा है। इस सप्ताह प्रवक्ताओं के पद भरे जाने की उम्मीद है।
डिग्री कॉलेज ददाहू में स्टाफ न आने की सूरत में सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ ददाहू इकाई ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ के प्रधान हरिराम शर्मा ने कहा कि इस बारे में रणनीति तैयार की जा रही है। यदि इसी सप्ताह पदों को नहीं भरा गया तो संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश हो जाएगा।