राजकीय महाविद्यालय ददाहू में सोमवार से कक्षाएं शुरू होने वाली हैं। नए खुले कॉलेज में 140 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, लेकिन कॉलेज में एक भी प्रवक्ता न होने से विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है। ददाहू में एक भी प्राध्यापक ने पदभार नहीं संभाला है। ऐसे में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।
प्राध्यापक न होने से अभिभावक चिंतित हैं। प्रवेश की अंतिम तिथि 21 जुलाई तक 36 नए छात्रों ने प्रवेश लिया है। 104 छात्रों ने 30 जून तक प्रवेश लिया था। डिग्री कॉलेज ददाहू में 23 जुलाई से कक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में बच्चों को पहले ही दिन बैरंग लौटना पड़ेगा।
अभिभावकों को 20 जुलाई तक प्राध्यापकों के पद भरे जाने की उम्मीद थी, लेकिन 21 जुलाई तक सात में से एक भी प्राध्यापक का पद नहीं भरा गया। अभिभावक दुर्गाराम, दीप चंद, चमनलाल, तोताराम, योगेश अग्रवाल, भगतराम, सुखदेव सिंह, पृथ्वी सिंह, यशोदा देवी और कमल शर्मा का कहना है कि कॉलेज शुरू करवाने को उन्होंने अपने बच्चों के दाखिले ददाहू में करवाए हैं।
अब उन्हें चिंता सता रही है कि इन्हें पढ़ाएगा कौन? सोमवार से कक्षाएं शुरू हो रही हैं, लेकिन कॉलेज में एक भी प्राध्यापक ने ज्वाइन नहीं किया है। न ही सरकार ने कोई आदेश दिए हैं। अभिभावकों ने सरकार से जल्द स्टाफ तैनात करने की मांग की है।
उधर, डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ दिनेश भारद्वाज ने बताया कि 21 जुलाई तक 140 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, लेकिन अभी तक प्राध्यापकों के पदों को नहीं भरा गया। न ही किसी प्राध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।