इस रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष की रोकड़ बही के ऑडिट में पाया गया है कि इसमें 5,22,050 रुपये की प्राप्ति दर्शाई गई है, मगर यह धनराशि कहां से और किससे प्राप्त की गई इसका विवरण नहीं दिया गया है।
पूर्व के एक अंकेक्षण प्रतिवेदन में भी इस बारे में आपत्ति दर्ज की गई है। उधर, मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष के मामले सामान्य प्रशासन विभाग देखता है। वह प्रदेश से बाहर हैं। शिमला आने के बाद ही इस बारे में कोई बात कर पाएंगे।