शहरी क्षेत्र में पार्किंग की कमी के चलते वाहनों के पंजीकरण की संख्या भी कम हो रही है। एसडीएम शहरी के पास पिछले साल करीब साढ़े चार सौ वाहनों का पंजीकरण हुआ।
वहीं, एसडीएम ग्रामीण के पास 2554 गाड़ियां पंजीकृत हुई है। यहां हर महीने औसतन दो सौ से अधिक नई गाड़ियां पंजीकृत हो रही हैं। एसडीएम ग्रामीण के तहत शहर के 14 वार्ड आते हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र में पार्किंग की जगह होने से आवेदन ज्यादा आ रहे हैं।
वाहन पंजीकरण के लिए यह है प्रक्रिया
शहर में गाड़ी का पंजीकरण करवाने से पहले अब वाहन मालिक को पहले पार्किंग की एनओसी देनी होती है। इसके तहत वाहन मालिक बताता है कि उसके पास पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध है।
इसके बाद संबंधित थाने का एसएचओ इस जगह को वेरिफाई करता है। देखा जाता है कि वाहन मालिक के पास पार्किंग की जगह है भी या नहीं। एसएचओ की रिपोर्ट के बाद ही पंजीकरण होता है।
शहर में यहां बन रही है बड़ी पार्किंग
वार्ड पार्किंग
टूटीकंडी 700
विकासनगर 174
न्यू शिमला 150
टुटू 200
आईजीएमसी 500