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शिमला: अगले पांच साल में गाड़ी पार्क करने के लिए नहीं मिलेगी जगह

Sat, 06 Jan 2018 01:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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आए दिन ट्रैफिक जाम से जूझ रहे शिमला शहर में पांच साल बाद पार्किंग की समस्या और विकराल होने वाली है। शहर में गाड़ियों की संख्या जहां एक लाख तक पहुंच जाएगी वहीं, पार्किंग सुविधा महज पांच हजार वाहनों को ही नसीब हो पाएगी।

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आंकड़ों पर नजर डाले तो हर साल शिमला शहर में करीब तीन हजार नई गाड़ियां पंजीकृत हो रही हैं। हर माह गाड़ियां पंजीकरण करने के लिए 250 आवेदन जिला प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में अगले पांच साल में 15 हजार से अधिक नई गाड़ियां शिमला शहर में आ जाएंगी।

वहीं, इन 15 हजार नई गाड़ियों में महज 1700 को ही नगर निगम पार्किंग की सुविधा दे पाएगा। टूरिस्ट सीजन की बात करें तो वीकेंड पर करीब दो हजार गाड़ियां आजकल शिमला पहुंच रही हैं। लेकिन शहर में पार्किंग नहीं मिल रही। गिने चुने होटलों को छोड़कर ज्यादातर के पास अपनी पार्किंग तक नहीं है। मजबूरन सैलानी सड़क किनारे गाड़ियां पार्क कर रहे हैं। इससे ट्रैफिक जाम लग रहा है।
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13.92 करोड़ से बनेंगी 26 नई पार्किंग
नगर निगम की दो बड़ी पार्किंग इसी साल शहरवासियों के लिए उपलब्ध होंगी। इनमें टूटीकंडी क्रासिंग के पास 700 जबकि विकासनगर में 174 गाड़ियों की पार्किंग शामिल है।

निगम प्रशासन ने 13.92 करोड़ की लागत से 26 नई पार्किंग बनाने की योजना भी तैयार की है जिसमें 800 गाड़ियों को खड़ा किया जा सकेगा। पांच साल बाद की बात करें तो 15 हजार गाड़ियों के लिए महज 1700 की पार्किंग ऊंट के मुंह में जीर के समान होने वाली है।

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शहर में कम, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही गाड़ियों की संख्या

शहरी क्षेत्र में पार्किंग की कमी के चलते वाहनों के पंजीकरण की संख्या भी कम हो रही है। एसडीएम शहरी के पास पिछले साल करीब साढ़े चार सौ वाहनों का पंजीकरण हुआ।

वहीं, एसडीएम ग्रामीण के पास 2554 गाड़ियां पंजीकृत हुई है। यहां हर महीने औसतन दो सौ से अधिक नई गाड़ियां पंजीकृत हो रही हैं। एसडीएम ग्रामीण के तहत शहर के 14 वार्ड आते हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र में पार्किंग की जगह होने से आवेदन ज्यादा आ रहे हैं।

वाहन पंजीकरण के लिए यह है प्रक्रिया
शहर में गाड़ी का पंजीकरण करवाने से पहले अब वाहन मालिक को पहले पार्किंग की एनओसी देनी होती है। इसके तहत वाहन मालिक बताता है कि उसके पास पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध है।

इसके बाद संबंधित थाने का एसएचओ इस जगह को वेरिफाई करता है। देखा जाता है कि वाहन मालिक के पास पार्किंग की जगह है भी या नहीं। एसएचओ की रिपोर्ट के बाद ही पंजीकरण होता है।

शहर में यहां बन रही है बड़ी पार्किंग
वार्ड             पार्किंग
टूटीकंडी         700
विकासनगर   174
न्यू शिमला    150
टुटू               200
आईजीएमसी  500
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