अमर उजाला एक्सक्लूसिव
-राजधानी की बड़ी पार्किंग के लिए नगर निगम ने तैयार की व्यवस्था
हर गाड़ी के लिए दर्ज होगा स्लॉट, सुरक्षा के लिए लगेंगे कैमरे, 24 घंटे तैनात रहेंगे चौकीदार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में अब वाहन खड़ा करने के लिए रोजाना जगह तलाशने की परेशानी नहीं होगी। नगर निगम एसडीए परिसर कसुम्पटी, टुटू और ऑकलैंड में तैयार स्मार्ट सिटी की नई पार्किंग में नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत वाहन मालिकों को निश्चित पार्किंग स्लॉट आवंटित किया जाएगा और संबंधित स्लॉट पर वाहन का नंबर अंकित किया जाएगा। पार्किंग में सीसीटीवी के साथ 24 घंटे चौकीदार की व्यवस्था भी की जा रही है।
नगर निगम के अनुसार इन तीनों पार्किंग के लिए करीब 425 आवेदन मिले हैं। अब आवेदकों को पार्किंग स्लॉट आवंटित किए जाएंगे। वार्षिक शुल्क 23,600 रुपये निर्धारित किया गया है। एकमुश्त शुल्क जमा करने के बाद वाहन मालिक को मंजूरी पत्र जारी किया जाएगा। आवंटित स्थान पर वाहन का नंबर अंकित होने से वाहन मालिक को रोजाना पार्किंग की जगह तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने बताया कि पार्किंग में प्रत्येक वाहन के लिए निर्धारित स्थान पर उसका नंबर अंकित किया जाएगा। इससे वाहन मालिक को अपनी गाड़ी के लिए तय स्थान की जानकारी रहेगी।
सीसीटीवी और चौकीदार से सुरक्षा होगी मजबूत
नई व्यवस्था में पार्किंग में वाहनों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम पहली बार इन बड़ी पार्किंग में 24 घंटे चौकीदार तैनात करने की व्यवस्था कर रहा है। इसके अलावा सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जाएगी। नगर निगम के अनुसार अभी उसकी कई पार्किंग में चौकीदार की व्यवस्था नहीं है। शहर में नगर निगम की 80 से अधिक छोटी-बड़ी पार्किंग हैं, जिनमें अधिकांश बिना चौकीदार के संचालित हो रही हैं। पीपीपी मोड या ठेके पर संचालित पार्किंग में ही कर्मचारियों की तैनाती होती है। निगम प्रशासन का कहना है कि बड़ी पार्किंग में नई व्यवस्था लागू होने से वाहनों की सुरक्षा मजबूत होगी।
पांच साल तक रिन्यू हो सकेगा पार्किंग आवंटन
जिन वाहन मालिकों को पार्किंग आवंटित होगी, वे एक साल बाद निर्धारित शुल्क जमा कर आवंटन रिन्यू करवा सकेंगे। इसके लिए 14 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। नगर निगम के अनुसार पार्किंग का आवंटन अधिकतम पांच साल तक रिन्यू करवाने की व्यवस्था की जा सकती है।
नगर निगम सदन में भी बार-बार आवेदन की प्रक्रिया से राहत देने को लेकर निर्णय लिया गया है। मौजूदा व्यवस्था में एक साल बाद आवंटन रिन्यू करवाने के लिए वाहन मालिकों को दोबारा आवेदन के साथ वाहन से जुड़े दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। इसके बाद भी पार्किंग का आवंटन सुनिश्चित नहीं होता। नई व्यवस्था में पांच साल तक आवंटन रिन्यू होने से वाहन मालिकों को इस प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है।