हिमाचल में बेरोजगारी भत्ते पर मचे सियासी बवाल के बीच प्रदेश कांग्रेस की विशेष कमेटी ने इस मसले को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात की। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू की अगुवाई में कमेटी ने सीएम को राज्य कार्य कारिणी की राय की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी पदाधिकारी चुनावी वायदे को पूरा करने के पक्ष में हैं। सचिवालय में सीएम ने कमेटी की पूरी बात सुनी, लेकिन बेरोजगारी भत्ता देने के बारे में कोई भरोसा नहीं दिया। कमेटी के सदस्यों ने सीएम को बताया कि चुनावी घोषणापत्र के वायदे को पूरा करना जरूरी है।
गौरतलब है कि सोमवार को प्रदेश कांग्रेस की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बेरोजगारी भत्ता देने पर सर्वसहमति बनी थी। इसी दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू की अध्यक्षता में बेरोजगारी भत्ते पर एक विशेष कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी मेंहर्ष महाजन, रंगीलाराम राव, महासचिव हरभजन सिंह भज्जी, नरेश चौहान, हर्षवर्द्धन चौहान, कुलदीप पठानिया और युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह शामिल हैं। मंगलवार दोपहर बाद हर्ष महाजन को छोड़कर कमेटी के सभी सदस्यों ने सीएम वीरभद्र सिंह से मुलाकात कर उनसे इस बारे में चर्चा की।
पहले असल बेरोजगारों के आंकड़े लेंगे, फिर दोबारा मिलेंगे: सुक्खू
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस मामले में पीसीसी का फीडबैक सीएम वीरभद्र सिंह को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता बार-बार इस मामले को उठा रहे हैं। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जो भी बात हुई है, उस पर दोबारा से बातचीत की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू ने कहा कि उन्हें तो ये भी अभी मालूम नहीं है कि हिमाचल में कितने बेरोजगार हैं। निश्चित तौर पर इसके आंकड़े लिए जाएंगे। बातचीत के बाद ही कुछ नतीजा निकलेगा। अभी तो मुख्यमंत्री के ध्यान में ही बात लाई गई है। जरूरी हुआ तो उनसे दोबारा भेंट की जाएगी।