एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति को परिवहन निगम की बीओडी से निराशा ही हाथ लगी। कर्मचारियों को न तो ओवरटाइम का पैसा दिया गया और न ही लंबित भत्ते जारी करने की घोषणा की।
रिटायर्ड अफसरों को हटाने पर भी बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री जीएस बाली से निराशा जताई है। अब मंत्री ने कर्मचारियों को धर्मशाला बुलाकर बैठक करने की बात कही है।
इधर, समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जल्द ही समिति के पदाधिकारी बैठक करेंगे, जिसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। संयुक्त समन्वय समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि बीओडी में सिर्फ दो ही फैसले हुए हैं।
एक एचआरटीसी में कंडक्टरों की भर्ती और दूसरा पीस मील वर्करों को अनुबंध पर लाने की पालिसी 5 से 4 साल की गई है। जबकि कर्मचारियों के लंबित मागों पर कोई चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के कर्मचारी निगम को घाटे से उबारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। बावजूद, निगम प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।