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हिमखंड में दबे जवानों का नहीं लगा सुराग, टूटने लगी उम्मीद

Wed, 27 Feb 2019 08:32 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रिकांगपिओ (किन्नौर)
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खराब मौसम में नमज्ञा पंचायत के डोगरी में लापता जवानों की तलाश करना सेना और आईटीबीपी जवानों के लिए मुश्किल हो रहा है। बुधवार को आठवें दिन भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन देर शाम तक जवानों का सुराग नहीं लगा।

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बचाव अभियान में तेजी लाने को सीमा सड़क संगठन ने अतिरिक्त मशीनरी भी घटनास्थल पर स्थानांतरित कर दी है। मौके पर 3 जेसीबी एस और एक डोजर हैं। इंजीनियर्स फोर्स, सीमा सड़क संगठन, डोगरा स्काउट, जेके, रडार टीम, डॉग स्क्वॉयड और लेह की विशेष टीमें काम कर रही हैं।

मौसम की चुनौतियों के बावजूद 300 से अधिक जवान अभियान में जुटे हैं। उन्नत उपकरण, चेन आरी मेटल डिटेक्टर आइस कटर और थर्मल सेंसर का भी प्रयोग किया जा रहा है। 

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20 फरवरी को हुए लापता

बीते 20 फरवरी को भारत-तिब्बत सीमा से सटे डोगरी नाले में भारतीय सेना के पांच जवान हिमखंड की चपेट में आने से लापता हो गए थे। इसके बाद इनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

सर्च ऑपरेशन सिरे चढ़ता, लेकिन भारी बर्फबारी होने और डोगरी नाले में ग्लेशियर आने से सर्च ऑपरेशन प्रभावित हो गया था। इसके बाद जवानों की तलाश को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से ग्लेशियर विशेषज्ञों की टीमें बुलाई गईं, लेकिन आठवें दिन भी लापता जवानों को सुराग नहीं लगा है। 

एडीएम पूह शिवमोहन सेनी बताया कि रेस्क्यू टीम को आठवें दिन भी हिमखंड में दबे जवानों का सुराग नहीं लगा है। सेना, सीमा सड़क संगठन और आईटीबीपी के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
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