हिमाचल में विधानसभा चुनाव कभी भी घोषित हो सकते हैं, मगर प्रदेश के चुनाव आयोग प्रमुख का पद हफ्ते भर से खाली पड़ा है। इससे पहले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेंद्र चौहान हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे जिन्हें मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया है।
हिमाचल में चुनाव आयोग के महत्वपूर्ण पद के खाली रहने की वजह भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नसीम जैदी की सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया को माना जा रहा है। जैदी का कार्यकाल पूरा होने के बाद वीरवार को नए सीईसी अचल कुमार जोती कार्यभार संभालेंगे। इसके बाद ही हिमाचल में चुनाव आयोग प्रमुख का पद भरने की संभावना है।
हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने 30 जून को मुख्य सूचना आयुक्त का पद ग्रहण किया है। राज्य में कुछ महीने बाद प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भारतीय चुनाव आयोग शिद्दत से जुटा हुआ है। नई दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय से रोजाना अपडेट मांगी जा रही है।
ऐसे में प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण आयोग का दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। हालांकि देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त की ताजपोशी के बाद प्रदेश के चुनाव अधिकारी पद पर किसी आईएएस अधिकारी की तैनाती हो सकती है। इस मामले पर पूछे जाने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक तरुण श्रीधर ने कहा कि इस पद पर आयोग जल्दी निर्णय करेगा।
पहले भेजे पैनल के रद्द होने की सूचना
हिमाचल सरकार की ओर से कुछ दिन पहले भी मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति के लिए एक पैनल भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजा गया था, मगर इसे रद्द किया गया है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि पहले भेजे पैनल को नसीम जैदी ने ही खारिज किया। हिमाचल सरकार से तीन आईएएस अफसरों के नाम भेजे गए थे। इनमें कुछ प्रमोटी आईएएस अधिकारी भी थे। इसी पर आयोग ने आपत्ति लगाई थी।
अब हिमाचल सरकार ने आयोग की ओर से उठाई गई कुछ आपत्तियों को दुरुस्त करते हुए नया पैनल भेजा है, जिसे गोपनीय रखा गया है। प्रदेश सरकार के कुछ शीर्ष अधिकारियों को ही इसकी जानकारी है। चुनावी वर्ष में हिमाचल सरकार अपने पसंदीदा अधिकारियों में से ही किसी को मुख्य चुनाव अधिकारी तैनात करना चाहेगी, लेकिन फैसला नए चुनाव आयोग प्रमुख ही लेंगे।