हिमाचल प्रदेश में इस साल बिजली की दरें नहीं बढ़ेगी। प्रदेश के साढ़े 19 लाख घरेलू और तीस हजार औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने साल 2017-18 में बिजली महंगी करने से इंकार कर दिया है।
आयोग ने साल 2016-17 के स्लैब को ही इस साल भी लागू करने का फैसला लिया है। बिजली की दरों को नहीं बढ़ाए जाने की सोमवार को आयोग ने अधिसूचना जारी की। हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थी।
इससे पूर्व साल 2014-15 में बिजली दरों को बढ़ाया गया था। उधर, बिजली बोर्ड ने अप्रैल 2017 से घरेलू बिजली की दरों को 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजा था। बोर्ड प्रबंधन ने अपने घाटे को आधार बनाते हुए बढ़ोतरी की मांग की थी।
हर स्लैब में बढ़ोतरी करने की अपील की गई थी। बिजली बोर्ड ने प्रति कनेक्शन कंज्यूमर सर्विस चार्ज में भी बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। इसमें प्रति कनेक्शन 30 रुपये की बढ़ोतरी की बात कही थी। बोर्ड ने बिजली के दाम में मौजूदा दरों के मुकाबले 14 से 19 फीसदी की बढ़ोतरी का सुझाव दिया था।
कंज्यूमर सर्विस चार्ज में 60 से 67 फीसदी की बढ़ोतरी को कहा था। लेकिन आयोग ने बोर्ड की सिफारिशों को दरकिनार इस साल किसी भी तरह का नया शुल्क बिजली उपभोक्ताओं पर नहीं लगाया है। बिजली बोर्ड का सालाना 5015.75 करोड़ खर्च है। इस टैरिफ से 5018.91 करोड़ रुपये का बोर्ड का राजस्व प्राप्त होगा। बिजली महंगी नहीं करने से भी बोर्ड को 3.17 करोड़ सरप्लस मिलेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं को इस दर पर आएगा इस साल बिजली बिल
स्लैब बिजली दर सब्सिडी के बाद
प्रति माह रुपये प्रति यूनिट रुपये /प्रति यूनिट
यूनिट में (2017-18) (2017-18)
0-60 2.85 1.0
0-125 3.70 1.50
126-300 4.60 2.90
301 से ऊपर 5.10 4.35
30 रुपये देना होगा कंज्यूमर सर्विस चार्जिस
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से प्रति माह कंज्यूमर सर्विस चार्जिस भी वसूले जाएंगे। 0 से 60 यूनिट के लाइफ लाइन कंज्यूमर को 30 रुपये चार्जिस, 0 से 125 यूनिट, 126 ये 300 और 301 यूनिट से अधिक स्लैब में आने वाले उपभोक्ताओं को 50 रुपये कंज्यूमर सर्विस चार्जिस देने पड़ेंगे।
डिमांड चार्जिस में भी नहीं की गई कोई बढ़ोतरी
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने डिमांड चार्जिस में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बिजली मीटर की प्रति किलोवाट क्षमता बढ़ाने के लिए यह चार्जिस हर माह वसूले जाते हैं। नॉन डोमेस्टिक नॉन कामर्शियल सप्लाई पर 20 किलोवॉट वालों को 140 रुपये, कामर्शियल सप्लाई पर 20 से 100 किलोवॉट को 110 रुपये, 100 किलोवॉट से अधिक पर 170 रुपये, स्मॉल एंड मिडियम इंडस्ट्रियल पॉवर सप्लाई पर 20 से 50 किलोवॉट तक 100 रुपये, 51 से 100 किलोवॉट पर 120 रुपये, बड़े उद्योगों में ईएचटी पर 425 रुपये, एचटी वन में 250 रुपये, एचपी टू में 400 रुपये, सिंचाई एवं वाटर पंपिंग कंज्यूमर के लिए यह चार्जिस 50 से 400 रुपये तक रहेगा।