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रेप के बाद छात्रा की हत्या, 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, पिता ने कही बड़ी बात

Sun, 09 Jul 2017 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटखाई (शिमला)
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रेप के बाद दसवीं की छात्रा की निर्मम हत्या के पांच दिन बाद भी शिमला पुलिस के हाथ खाली हैं। वहशी दरिंदे खुले घूम रहे हैं। हर बार की तरह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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पीडि़ता के गांव और आसपास के इलाके में माहौल ऐसा ही है कि महिलाएं और बच्चियां घरों से बाहर नहीं निकल रही हैं। परिजन अपने बच्चों को स्कूल तक नहीं भेज रहे हैं। ग्रामीण पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

यहां लोग जंगली जानवरों से कम खुले घूम रहे वहशी दरिंदों से ज्यादा खौफजदा हैं। घटना के चौथे दिन एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी मौके पर पहुंचे, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों और पीडि़ता के परिजनों को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं दे सके।
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पुलिस अपना आधिकारिक दौरा करके लौट आई है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा और भय बरकरार है। शिमला से लेकर कोटखाई-गुम्मा पर गुस्साए ग्रामीण सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हत्यारों के लिए फांसी की सजा मांग रहे हैं।

रेप और हत्‍याकांड से दहशत, बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा

लोग इस घटना को दिल्ली के निर्भया मामले से जोड़ रहे हैं, फिर भी पुलिस की सुस्ती टूट नहीं रही है। बता दें कि स्कूल से घर लौट रही दसवीं की छात्रा 4 जुलाई से लापता थी। छह जुलाई को जंगल में नग्न अवस्था में शव बरामद हुआ था। शव के पास शराब की बोतलें भी पड़ी थीं। रेप के बाद छात्रा की हत्या की गई थी।

क्षेत्र की पंचायत प्रधान सरोज रांटा ने कहा कि हर कोई सदमे और खौफ में है। बच्चियां और महिलाएं घरों से बाहर नहीं निकल रही हैं। गांव के बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। पुलिस ने अभी तक सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई है।

दरिंदों के डर से लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों को घने जंगल में जाने का खौफ सता रहा है। पंचायत प्रधान ने मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए स्कूल से घर व घर से स्कूल जाने के लिए बस की व्यवस्था की जाए।

पीड़िता के पिता ने कही ये बात

पीडि़त छात्रा के माता-पिता बेहद सदमे में हैं। रोते हुए लड़की के पिता ने कहा कि उन्होंने बड़े ही लाड़-प्यार से बच्ची को पाल पोस कर बड़ा किया। उन्हें क्या मालूम कि ये दिन देखना पड़ेगा। उन्होंने इतनी मांग की कि पुलिस जल्द दरिंदों को पकड़े। उसके बाद कानून अपना काम करेगा। हत्या के बाद गांव में मातम का माहौल  है। 

पुलिस को जांच में सहयोग का दिया आश्वसन
पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने युवती के परिजनों व रिश्तेदारों से अलग-अलग गांव में जाकर मुलाकात की है। उसके बाद एसपी शिमला से भी उन्होंने मुलाकात कर जांच में लोगों की ओर से सहयोग का पूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने मांग की है कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने में दिन रात सक्रिय रहे। उन्होंने कहा इस प्रकार की पहली दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस जांच से कांग्रेस नेता ने भी जताया असंतोष    

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और पूर्व महासचिव कुलदीप सिंह राठौर ने कोटखाई में छात्रा से बलात्कार और हत्या के मामले में अब तक की गई पुलिस जांच से असंतोष जताया है। राठौर ने कहा कि इस घटना को हुए इतने दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक अपराधियों का कोई सुराग तक नहीं लग पा रहा है।

उन्होेंने अपनी ही कांग्रेस सरकार के पुलिस तंत्र की सुस्ती के बाद इस मामले की जांच को एसआईटी के गठन की मांग की है। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा के करीबी कुलदीप सिंह राठौर ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि इस तरह के मामलों की छानबीन करने वाले अधिकारी के पास जांच का लंबा अनुभव होना चाहिए।

एसपी रैंक का अधिकारी जांच में शामिल होना चाहिए। नए डीजीपी को भी इस मामले की दैनिक आधार पर जानकारी लेनी चाहिए। 

छात्रा से रेप और हत्या के दोषियों को फांसी पर लटकाओ

कोटखाई की महासू पंचायत में छात्रा की दुराचार के बाद निर्मम हत्या के विरोध में शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शिमला से लेकर कोटखाई तक प्रदर्शन किया। नारेबाजी के साथ इन्होंने पुलिस और प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस घटना के वहशी दरिंदों को पकड़ कर फांसी पर लटकाया जाए अन्यथा वे ठियोग-हाटकोटी और शिमला के मुख्य मार्गों पर चक्का जाम कर देंगे।

इस तरह का घिनौना अपराध प्रदेश के माथे पर कलंक है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि यह मामला दिल्ली के निर्भया कांड से भी बड़ा है। इस वारदात के विरोध में व्यापारियों ने शनिवार को गुम्मा बाजार बंद रखा। बाजार में छात्रा की आत्मा की शांति के लिए सैकड़ों लोगों ने दो मिनट का मौन रखा।

उसके बाद बैनर और पोस्टर लेकर आरोपियों को तुरंत पकड़ने की सरकार से मांग की। व्यापार मंडल के प्रधान गोविंद चौहान ने कहा कि यदि दस दिनों में आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो सैकड़ों लोग अठारह जुलाई से ठियोग-हाटकोटी सड़क पर चक्का जाम करेंगे।

यदि पुलिस मामले को सुलझाने में सक्षम नहीं है तो किसी दूसरी जांच एजेंसी को तफ्तीश में लगाया जाए। उधर, राजधानी शिमला में शहर भर में विभिन्न छात्र संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं और राजनीतिक संगठनों ने वारदात के विरोध में प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला। 
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हिमाचल में सबसे शर्मनाक वारदात : एसएफआई 

एसएफआई की जिला कमेटी ने भी दोपहर बाद उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष रमन थारटा और सह सचिव पवन शर्मा की अगुवाई में विवि, कॉलेजों से एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

रमन थारटा, राज्य अध्यक्ष विवेक राणा, रुचिका बजीर, रोनी भलूनी सहित अन्य नेताओं ने कहा कि यह देवभूमि में हुई पहली सबसे शर्मनाक घटना है, जिसमें दरिंदों ने स्कूली बच्ची को हवस का शिकार बनाकर उसकी निर्मम हत्या की। इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। यदि दोषियों को गिरफ्तार न किया गया तो एसएफआई प्रदेश भर में उग्र आंदोलन खड़ा करेगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

एनएसयूआई ने निकाला मशाल जुलूस
एनएसयूआई ने भी छात्रा के हत्यारों को गिरफ्तार कर उसे न्याय दिलवाने की मांग को लेकर शनिवार को दोपहर बाद उपायुक्त कार्यालय से शेरे पंजाब तक कैंडल मार्च निकाला।

संगठन के राज्य उपाध्यक्ष  योगेंद्र सिंह, महासचिव बलविंद्र सिंह, विवि कैंपस इंचार्ज बिनु मेहता, जिला उपाध्यक्ष एहलोद चौहान के साथ शामिल अन्य कार्यकर्ताओं ने छात्रा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन से ऐसे अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
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