भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को देशभर के उम्दा इंजीनियरिंग संस्थानों की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की सूची जारी की है। पहले पायदान पर आईआईटी मद्रास, दूसरे पायदान पर आईआईटी दिल्ली और तीसरे पायदान पर आईआईटी मुंबई रहा है। जबकि एनआईटी हमीरपुर के रैंक में पिछले वर्ष की तुलना में एक रैंक का सुधार हुआ है। वर्ष 2022 में एनआईटी हमीरपुर का देशभर में 128वां रैंक था, लेकिन इस बार एनआईआरएफ रैंकिंग 127 है। जोकि संस्थान के लिए अच्छे संकेत हैं।
हालांकि एनआईटी की यह रैंकिंग उम्मीदों के अनुरूप बहुत अच्छी नहीं है। वर्ष 2016 में एनआईटी हमीरपुर का देशभर में 51वां रैंक था। लेकिन एनआईटी हमीरपुर में दो साल पहले के कारनामों के कारण देशभर में छवि खराब हुई। यहां बर्खास्त निदेशक प्रो. विनोद कुमार यादव के समय असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियों में गड़बड़ी हुई हुई थी। जिस पर शिक्षा मंत्रालय की ओर से लंबी जांच प्रक्रिया अमल में लाई गई थी। अभी हाल ही में एनआईटी में देर रात को दो छात्र गुटों में ईंट, पत्थर और लोहे की रॉड से हमले का मामला सामने आया था। वहीं पूर्व के रजिस्ट्रार के साथ जूनियर शिक्षक के द्वारा की गई बदसलूकी के कारण भी संस्थान की छवि धूमिल हुई।
उधर, एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि एनआईटी हमीरपुर की रैंकिंग में एक रैंक का सुधार हुआ है। हालांकि इस बार 100 के बाद की रैंकिंग को अंकों के बजाय संस्थान के अल्फावेटिकली दर्शाया गया है, जिसके चलते रैंक में और अधिक सुधार की उम्मीद है।
ये हैं पैरामीटर
एनआईआरएफ रैंकिंग के दौरान संस्थान में शिक्षण, सीखना और संसाधन (टीएलआर), डॉक्टरेट छात्रों (एसएस) सहित छात्र संख्या, स्थायी संकाय (एफएसआर) पर जोर देने के साथ संकाय-छात्र अनुपात, पीएचडी (या समकक्ष) और अनुभव के साथ फैकल्टी के लिए संयुक्त मीट्रिक, वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग, अनुसंधान और व्यावसायिक अभ्यास (आरपी), प्रकाशनों के लिए संयुक्त मीट्रिक (पीयू), प्रकाशनों की गुणवत्ता के लिए संयुक्त मीट्रिक, आईपीआर और पेटेंट प्रकाशित और स्वीकृत (आईपीआर), परियोजनाओं के पदचिह्न और व्यावसायिक अभ्यास (एफपीपीपी), स्नातक परिणाम (जीओ), विश्वविद्यालय परीक्षाओं के लिए मीट्रिक, पीएचडी की संख्या के लिए मीट्रिक। छात्र स्नातक, आउटरीच और समावेशिता, अन्य राज्यों, देशों से छात्रों का प्रतिशत (क्षेत्र विविधता आरडी), महिलाओं का प्रतिशत (महिला विविधता डब्ल्यूडी), आर्थिक और सामाजिक रूप से विकलांग छात्र, शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों के लिए सुविधाएं (पीसीएस), धारणा (पीआर) रैंकिंग, सहकर्मी धारणा, अकादमिक साथियों और नियोक्ता (पीआर) आदि जांचे जाते हैं।