शिमला। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा शिमला में शुक्रवार को अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। पंजाब, लुधियाना, जालंधर से आई संगतों ने समागम में हिस्सा लिया। सुबह 6:30 से दोपहर 1:00 बजे तक गुरुद्वारे में दीवान सजाया गया। समागम में अखंड कीर्तन जत्था चंडीगढ़ से आए मनप्रीत सिंह, दविंद्र सिंह, पृथपाल सिंह, गुरमीत सिंह और कुलवंत सिंह ने कीर्तन किया। इसके बाद शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक कीर्तन किया गया। चंडीगढ़ से आए रागियों ने बताया कि अखंड कीर्तन समागम का आयोजन साहिब रणधीर सिंह की याद में हर साल किया जाता है। बताया कि रणधीर सिंह पंथ रत्न हैं, उन्हें सोने दी चिड़ी के नाम से भी याद किया जाता है। बताया कि रणधीर सिंह 1951 में शिमला गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शिमला में आए थे। उन्होंने इस समागम का आगाज किया था। अखंड कीर्तन जत्था पंजीकृत चंड़ीगढ़ यह सभा भी रणधीर सिंह की बनाई है। बताया कि शनिवार को सुबह 6:30 से दोपहर 1:00 बजे तक दीवान सजाए जाएंगे। इसमें कीर्तन का आयोजन होगा। इसके बाद शाम 7:00 से सुबह 4:00 बजे तक अमृत संचार होगा। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों को अमृत शकाया जाएगा। संवाद