हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ठगी के मामले में साइबर पुलिस अब एक संदिग्ध नाइजीरियन से पूछताछ करेगी। पुलिस ने नाइजीरियाई नागरिक का दिल्ली की एक अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर लिया है। साइबर पुलिस आरोपी को शिमला ले आई है और पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, नाइजीरियन पर कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप है और उसे गुजरात एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) ने अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है।
यह पूछताछ मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए भी अहम मानी जा रही है। गुजरात एटीएस इस मामले में की जांच कर रही है और माना जा रहा है कि नाइजीरियन से मिली जानकारी से इस रैकेट के अन्य सदस्यों और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों का खुलासा हो सकता है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक से 11.55 करोड़ रुपये की ठगी के मामले की जांच हिमाचल साइबर पुलिस कर रही है।
साइबर पुलिस ने मामले में 18 संदिग्धों की पहचान कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने एक ग्राहक के मोबाइल फोन के माध्यम से बैंक के सर्वर में सेंध लगाकर 11.55 करोड़ रुपये उड़ा लिए थे। यह पैसा 20 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया था। जांच का मुख्य उद्देश्य अपराधियों का पता लगाना, चुराए गए धन को बरामद करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बैंक की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है।