राज्यों की एक्यूएमसी की ओर से बनाए गए एक्शन प्लान को विशेषज्ञों की एक कमेटी को भेजा जाएगा जो प्लान का अध्ययन कर अपनी सिफारिश देगी। इस कमेटी में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. मुकेश शर्मा और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. मुकेश खरे के अलावा सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव शामिल होंगे। इस कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीपीसीबी 31 जनवरी 2019 तक एक्शन प्लान को अनुमोदित कर देगा ताकि अगले छह महीने के अंदर उन शहरों की हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम शुरू किए जा सके।
हिमाचल के सबसे प्रदूषित सात शहर- हिमाचल के सबसे प्रदूषित सात शहरों में बद्दी, डमटाल, कालाअंब, सुंदरनगर, परवाणू, पांवटा साहिब और नालागढ़ हैं। इसके अलावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 15 शहर, उत्तराखंड के दो, पंजाब के नौ, ओडिशा व मध्य प्रदेश के छह-छह, असम, आंध्र प्रदेश और राजस्थान के 5-5, जम्मू-श्रीनगर, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना के तीन-तीन, गुजरात व नगालैंड के दो-दो, झारखंड, मेघालय, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के एक-एक शहर, चंडीगढ़ और दिल्ली शामिल हैं।